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आयकर विभाग से मिला है नोटिस, तो सावधानी से दें जवाब
Thu, 17 Oct 2019 06:12 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Thu, 17 Oct 2019 06:12 PM IST
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करदाताओं के आयकर रिटर्न दाखिल किए जाने के बाद विभाग उनका मूल्यांकन कर रहा है। इस दौरान आईटीआर में हुई किसी त्रुटि, गलत जानकारी या विदेश से कमाई रकम की स्क्रूटनी के लिए विभाग नोटिस भी जारी कर रहा है। अगर आपको भी आयकर विभाग का कोई नोटिस मिला है, तो जवाब दाखिल करने में बेहद सावधानी बरतें। आपकी एक और गलती जुर्माने या सजा का कारण बन सकती है।
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दरअसल, इस साल से शुरू हुई ई-आकलन योजना के तहत अब तक विभाग 58,322 करदाताओं को नोटिस भेज चुका है। योजना के पहले चरण में 30 सितंबर तक भेजे गए नोटिस में सबसे ज्यादा मामले आकलन वर्ष 2018-19 से जुड़े हैं। क्लीयर टैक्स के संस्थापक और सीईओ अर्चित गुप्ता का कहना है कि इस बार आयकर विभाग 30 फीसदी ज्यादा नोटिस भेज सकता है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या ऐसे करदाताओं की है, जिन्होंने विदेश से धन या संपत्ति अर्जित की है। जिस वित्त वर्ष में आईटीआर दाखिल किया गया है, आयकर विभाग उसके छह महीने बाद तक स्क्रूटनी के लिए नोटिस भेज सकता है। मसलन, वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अगर आईटीआर 31 जुलाई 2018 तक भरा गया है, तो विभाग 30 सितंबर, 2019 तक नोटिस भेज सकता है।
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करदाता पहचानें अपनी गलती
- विभाग की नोटिस का जवाब देने से पहले करदाता को यह समझना जरूरी है कि उसने आईटीआर में किस तरह की गलती है।
- अगर आईटीआर में कोई त्रुटि है तो विभाग आयकर अधिनियम की धारा 139(9) के तहत नोटिस भेजता है।
- इसी तरह, धारा 142(1) के तहत विभाग करदाता से उसके आईटीआर से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज की मांग करता है।
- धारा 143(2) के तहत अवैध कमाई, कर चोरी या घाटे की गलत जानकारी देकर क्लेम करने पर नोटिस दिया जाता है।
- धारा 143(3) के तहत विभाग आपके आईटीआर की स्क्रूटनी के लिए नोटिस देता है।
- धारा 148 में किसी कमाई या लाभ का खुलासा नहीं करने पर नोटिस जारी किया जाता है।
- इसके अलावा किसी रिफंड के एवज में बकाया कर भुगतान के लिए आयकर विभाग धारा 245 के तहत नोटिस जारी करता है।
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करदाता घर बैठे दे सकते हैं जवाब
- आयकर विभाग एसएमएस और ई-मेल के साथ करदाता के ई-फाइलिंग अकाउंट पर भी नोटिस भेजता है।
- नोटिस के साथ विभाग की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए तय समय दिया जाता है।
- हर नोटिस के लिए विभाग खास प्रक्रिया तय करता है जिसके तहत आपको जवाब दाखिल करना है।
- अगर नोटिस आईटीआर के आकलन से जुड़ा है, तो उसके साथ दिए गए सवालों के जवाब और दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
- अगर नोटिस किसी संपत्ति को लेकर है, तो उसकी खरीद का समय, लागत और फंड का स्रोत बताना होगा।
- करदाता तय समय में जवाब नहीं देता है तो विभाग बकाया राशि का 300 फीसदी तक जुर्माना लगा सकता है या सात साल की जेल भी हो सकती है।