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FB पर अगर दिखाई रईसी, तो इनकम टैक्स चलायेगा अपना हंटर
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:35 AM IST
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- फोटो : Independent
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर आपके सोशल मीडिया अकाउंट पर भी आ गई है। अगर आपने अपने नई कार-बाइक खरीदी है या फिर देश-विदेश में किसी 5 अथवा 7 स्टार होटल में छुट्टियां बिताई हैं तो फिर आप डिपार्टमेंट की नजर में आ जाएंगे। मतलब साफ है कि ज्यादा रईसी दिखाने पर इनकम टैक्स विभाग अपना हंटर चला सकता है।
डिपार्टमेंट आपके बैंक अकाउंट का मिलान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटो से करेगा। अगर किसी भी तरह का मिसमैच इन डिटेल्स में दिखेगा तो फिर आपसे पूछताछ हो सकती है।
अगले महीने से होगी शुरुआत
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार मोदी सरकार अगस्त से एक ऐसा वर्चुअल हाउस बनाने की तैयारी कर रही है, जिसके जरिए वो लोगों की खर्च करने की सीमा को बैंक अकाउंट के साथ-साथ सोशल मीडिया जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम से मैच किया जाएगा।
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इस प्रोजेक्ट पर खर्च किए 10 बिलियन रुपये
ये प्रोजेक्ट पिछले सात सालों से तैयार हो रहा था। केंद्र सरकार ने इस पर 10 बिलियन (1000 करोड़) रुपये खर्च किए हैं। सरकार का मकसद इस प्रोजेक्ट के जरिए विश्व का सबसे बड़ा बॉयोमेट्रिक डाटाबेस तैयार कर रही है।
इस डाटाबेस से इनकम टैक्स, ईडी, बैंक, एनआईए को भी टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि काफी लोग अभी भी अपनी कमाई की सही तरह से जानकारी नहीं दे रहे हैं।
वहीं लोग अपने घूमने-फिरने, घर-बाइक, कार खरीदने पर सबसे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, जिससे अन्य लोगों को पता चल सके। अब सरकार के इस कदम से लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ेगी।
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डिपार्टमेंट आपके बैंक अकाउंट का मिलान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटो से करेगा। अगर किसी भी तरह का मिसमैच इन डिटेल्स में दिखेगा तो फिर आपसे पूछताछ हो सकती है।
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अगले महीने से होगी शुरुआत
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार मोदी सरकार अगस्त से एक ऐसा वर्चुअल हाउस बनाने की तैयारी कर रही है, जिसके जरिए वो लोगों की खर्च करने की सीमा को बैंक अकाउंट के साथ-साथ सोशल मीडिया जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम से मैच किया जाएगा।
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इस प्रोजेक्ट पर खर्च किए 10 बिलियन रुपये
ये प्रोजेक्ट पिछले सात सालों से तैयार हो रहा था। केंद्र सरकार ने इस पर 10 बिलियन (1000 करोड़) रुपये खर्च किए हैं। सरकार का मकसद इस प्रोजेक्ट के जरिए विश्व का सबसे बड़ा बॉयोमेट्रिक डाटाबेस तैयार कर रही है।
इस डाटाबेस से इनकम टैक्स, ईडी, बैंक, एनआईए को भी टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि काफी लोग अभी भी अपनी कमाई की सही तरह से जानकारी नहीं दे रहे हैं।
वहीं लोग अपने घूमने-फिरने, घर-बाइक, कार खरीदने पर सबसे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, जिससे अन्य लोगों को पता चल सके। अब सरकार के इस कदम से लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ेगी।