घर में मिला 15 लाख से ज्यादा कैश, तो होगी जेल
एसआईटी ने की थी सिफारिश
काले धन को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों पर बने विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सरकार को यह दूसरी सिफारिश दी थी। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, संसद से वित्त विधेयक के पास हो जाने के बाद सरकार अप्रैल तक इसकी घोषणा कर सकती है।
सरकार के इस कदम से कारोबारियों पर पड़ेगा असर
इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार, अगर सरकार इस तरह का कानून लेकर के आती है, तो इसका सबसे ज्यादा असर कारोबारियों पर पड़ेगा। देश भर के तमाम व्यापारिक संगठन सरकार के 3 लाख से ज्यादा के नकद लेन-देन पर रोक लगाने के बाद इसका विरोध कर रहे हैं।
थोक और रिटेल से जुड़े बड़े व्यापारियों का कहना है कि अगर उनका एक दिन का व्यापार 15 लाख से ज्यादा का कैश में हुआ तो वो इसको कहां लेकर जाएंगे।
हालांकि वित्त मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे व्यापारी जिनका डेली का टर्नओवर 15 लाख से ज्यादा का है, उनको किसी तरह से कोई परेशान नहीं करेगा। बैंक एक तय समय तक सारी राशि को जमा कर सकेंगे।
बेनामी संपत्ति के तहत होगी कारवाई
सरकार ने यह साफ किया है अगर किसी के घर में 15 लाख रुपये से ज्यादा का कैश मिले, तो उसे बेनामी संपत्ति माना जाएगा और ऐसे व्यक्ति के खिलाफ बनेमी कानून के तहत कारवाई की जाएगी। इसमें व्यक्ति को जेल की सजा भी हो सकती है।
इनकम टैक्स विभाग के नियमों के अनुसार जिस राशि का कोई व्यक्ति हिसाब-किताब नहीं दे सकता है, वह विभाग की नजर में बेनामी है। ऐसे में जो भी कड़ा कानून होगा उसके तहत कार्रवाई की जाएगा।
वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार का कहना है कि सरकार चाहती है कि सिस्टम्स में ब्लैक मनी खत्म हो जाए। इसके लिए सब तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। इनकम टैक्स विभाग पूरी तरह से ब्लैक मनी को पकड़ने में लगा है।