राहत: सरकार ने कई कामों की समय सीमा बढ़ाई, विलंब से आयकर रिटर्न भरने की तारीख भी बदली
वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए कई कामों की डेडलाइन को बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
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देशभर में कोरोना के प्रकोप के बीच वित्त मंत्रालय की तरफ से करदाताओं के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। दरअसल, वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी कि कोरोना महामारी के बीच करदाताओं की मुश्किलों को कम करने के लिए टैक्स जमा करने से संबंधित कुछ अनुपालनों की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है।
कोरोना महामारी के चलते लिया गया फैसला
बता दें, कोरोना महामारी की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए कई कामों की डेडलाइन को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 की डेडलाइन जो 31 मार्च 2021 को खत्म हुई, उसे बढ़ाकर 31 मई 2021 तक कर दिया है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए असेसमेंट ईयर 2020-21 हुआ। इसमें लेट फाइन के साथ 31 मार्च 2021 तक रिटर्न फाइल करने का मौका था।
बीलेटेड रिटर्न और रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख बढ़ाई गई
फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से जारी इस आदेश के मुताबिक असेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 139 के सब सेक्शन चार और पांच के तहत बीलेटेड रिटर्न और रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख को दो महीने से बढ़ाकर 31 मई 2021 किया जा रहा है। पहले यह डेडलाइन 31 मार्च 2021 को खत्म हो गई थी।
Government extends timelines of certain compliances, to mitigate the difficulties faced by taxpayers due to ongoing #COVID19 pandemic: Ministry of Finance pic.twitter.com/Pvzg7lmKNS
— ANI (@ANI) May 1, 2021
चैप्टर XX के तहत अपील टू कमिश्नर मामले में रिटर्न फाइलिंग की आखिरी तारीख एक अप्रैल 2021 तक थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया गया है। सेक्शन 144 सी के तहत डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन पैनल के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख एक अप्रैल तक थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया है। सेक्शन 148 के तहत मिले नोटिस के मामले में रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन भी 31 मई तक बढ़ा दी ई गई है।