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एजुकेशन लोन पर कोरोना का कितना असर, जानें लोन से जुड़े अपने सभी सवालों के जवाब

Mon, 04 May 2020 05:05 PM IST
Tanuja Yadav बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: Tanuja Yadav Updated Mon, 04 May 2020 05:05 PM IST
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everything you need to know about your student loans amid the coronavirus pandemic
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दुनियाभर में कोरोना महामारी ने हाहाकार मचा रखा है। वैश्विक स्तर पर देखें तो कोरोना से लगभग 35 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं और ढाई लाख के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना महामारी की वजह से अमेरिका में ही लाखों लोगों की नौकरी चली गई है। 

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भारत में लॉकडाउन लगा हुआ है जो 17 मई तक चलने वाला है। 25 मार्च से शुरु हुए लॉकडाउन को 40 दिन से ज्यादा हो गया है, इस बीच देश के कई हिस्सों में छात्रों ने विदेश में पढ़ने के लिए कर्ज लिया हुआ है। लॉकडाउन की वजह से व्यापार पर भी असर पड़ा है।
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अमर उजाला ने वित्त विशेषज्ञ डॉक्टर रवि सिंह से बात की, जिन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड ने कोरोना जैसी महामारी के समय विदेशी छात्रों की मदद के लिए कई तरह की छूट दी हैं। भारत के ज्यादातर बच्चे अमेरिका, यूरोप, दक्षिण पूर्वी एशिया और गल्फ देशों में रहते हैं और इन देशों में हालात अभी ठीक नहीं है।
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केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से अपील की है कि बैंक विदेशों में पढ़ रहे बच्चों के एजुकेशन लोन का तीन से छह महीने के लिए ब्याज माफ कर दे। ऐसा करने से बच्चों के माता पिता का बोझ थोड़ा हल्का हो जाएगा। 

इसी तरह अमेरिका ने भी अक्तूबर तक कर्ज लेने वाले को राहत देने की बात कही है। सितंबर के अंत तक कर्ज पर ब्याज ना लेने के लिए कहा गया है। ऐसे में बच्चों के सामने कई सवाल पैदा हो रहे हैं कि जो कर्ज की भरपाई कैसे होगी, क्या इस समय कर्ज लेना चाहिए? ऐसे तमाम सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे...

छूट का फायदा लेने के लिए अप्लाई करना होगा?
ऐसा नहीं है कि ब्याज ना देने के लिए मिलने वाली छह महीने की छूट के लिए अप्लाई करना पड़ेगा। अमेरिका की कर्ज देने वाली कंपनी अभी किसी तरह की पेमेंट नहीं ले रही है। अगर आपने अपने ईएमआई को बैंक अकाउंट से सीधा लिंक कर दिया है तो फिलहाल के लिए ये सेवा रद्द हो गई है।

शिक्षा लोन के पास होने की जांच कैसे करें?
एडवाइजर की वरिष्ठ कम्यूनिकेशन स्पेशिलिस्ट इलैन ग्रिफिन का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से कुछ लोगों के कर्ज पास हो गए हैं और कुछ लोगों के नहीं होंगे। सभी डायरेक्ट फेडरल लोन के पास होने की पूरी संभावना है। 

फेडरल फैमिली एजुकेशन लोन और परकिन्स लोन जैसे कर्ज तभी पास हो पाएंगे जब ये लोन एक संघीय तौर पर संगठित होंगे। हालांकि ऐसे कर्जों की संख्या काफी कम होती है। अमेरिका के शिक्षा विभाग में कर्ज देने वालों की लिस्ट दी हुई है।

निजी तौर पर लिए गए शिक्षा लोन का क्या करें?
सरकार की क्षमा योजना में निजी तौर पर लिए गए कर्ज नहीं होंगे। हालांकि अभी के माहौल को देखते हुए कर्ज देने वाली निजी कंपनियां भी उदार तरीके से काम करेंगी। अगर आपने कोरोना महामारी से पहले ये कर्ज लिया है तो कर्जमाफी में मुश्किल हो सकती है।

कर्ज की पिछले कुछ किश्तें ना चुकाई हो तो?
अगर 31 दिनों से ज्यादा की देरी से किश्तें जमा कर रहा है तो उसे कोरोना वायरस महामारी के तहत क्षमा योजना में फायदा मिलेगा। इस वैश्विक महामारी के बीच सरकार अभी डिफॉल्ट हुए कर्ज को भी राहत देने पर विचार कर रही है।

अगर इनकम ड्रिवेन रीपेमेंट प्लान हो तो?
ऐसी योजनाओं के तहत कर्जदारों का बिल उनके वेतन का एक हिस्से के रूप में भुगतान किया जाता है। जानकारों का मानना है कि अगर ऐसे प्लान के तहत एजुकेशन लोन लिया है तो छह महीने की ब्याज छूट लेने का कोई नकारात्मक पहलू नहीं है। 

कर्ज देने वाली कंपनी सहयोग ना करें तो?
ये एक चिंताजनक बात है। लोन देने वाली कंपनी कई बार त्रुटियां करती हैं और गलत जानकारी पेश करती है। सरकार की तरफ से दी जा रही छूट का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको ये करना होगा कि आज जो आपका बैलेंस है उसका फोटो निकाल लें।

अगर मुमकिन हो सके तो 13 मार्च जब महामारी शुरू हुई थी, तब के बैलेंस का एक फोटो निकाल लें। ऐसा करने से कंपनी के धोखा देने की संभावनाएं कम हो जाएंगी।

इस दौरान किश्त ना देने पर बचे पैसों का क्या करें?
आपकी परिस्थितियों पर निर्भर करता है कि आप बची राशि का इस्तेमाल कहां कर सकते हैं। कई परिवार इस राशि को जरूरी सामान जैसे दवाइयां और खाना खरीदने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। 


इस राशि को इमरजेंसी फंड के तौर पर सुरक्षित रख सकते हैं, अभी कोरोना के खत्म होने की कोई संभावना नहीं है इसलिए जितना इमरजेंसी फंड अपने पास रखेंगे उतनी आसानी होगी। रिटायरमेंट की किसी योजना में भी इस राशि को निवेश कर सकते हैं।

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