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छोटे संस्थान भी आएंगे ईपीएफ के दायरे में
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 09 Sep 2013 08:23 AM IST
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दस कर्मचारियों वाले छोटे संस्थानों में कर्मचारी भविष्य निधि के प्रावधान को शुरू करने पर श्रम मंत्रालय जल्द कोई निर्णय ले सकता है।
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केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) से हरी झंडी मिलने के बाद लंबे समय से श्रम मंत्रालय में अटके इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए अब इसे वित्त मंत्रालय के पास भेजने की तैयारी है ताकि न्यूनतम 10 कर्मचारी वाले कारखाने, उद्योगों या संस्थाओं में भी सामाजिक सुरक्षा के लिए ईपीएफ का विस्तार हो सके।
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फिलहाल ईपीएफ का लाभ न्यूनतम 20 कर्मचारियों वाले संस्थाओं को ही मिल रहा है। लेकिन श्रम मंत्रालय ने मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ईपीएफ योजना का विस्तार लघु उद्योगों के लिए भी किया है।
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महत्वपूर्ण यह है कि घर बैठे छोटे-मोटे कारोबार चलाने वाले भी इसके दायरे में आएंगे। हालांकि लघु उद्योगों को श्रम मंत्रालय का यह प्रस्ताव नागवार गुजर रहा है।
इस बाबत उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय को अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी है। लेकिन कई मजदूर संगठनों ने इस प्रावधान को जल्द अमलीजामा पहनाने की वकालत की है।
भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि छोटे उद्योगों में पीएफ की सुविधा मजदूरों के हितों के लिए जरूरी है। इसलिए सरकार को जल्द इस प्रस्ताव पर निर्णय लेना चाहिए।
श्रम मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि ईपीएफ एंड मिसलेनियस प्रोविजन एक्ट,1952 के तहत आने वाले इस प्रस्ताव पर अगर वित्त मंत्रालय वित्तीय नफे नुकसान का आकलन कर प्रस्ताव को मंजूर कर लेता है तो इसे अगले माह कैबिनेट में पेश किया जा सकता है।