फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   Economic affairs secretary Atanu Chakraborty interest may decrease on PPF NSC

आर्थिक मामलों के सचिव ने दिए संकेत, PPF-NSC जैसी लघु बचतों पर घट सकता है ब्याज

Tue, 04 Feb 2020 11:57 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 04 Feb 2020 11:57 AM IST
विज्ञापन
Economic affairs secretary Atanu Chakraborty interest may decrease on PPF NSC

अगली तिमाही से पीपीएफ, एनएससी और सुकन्या समृद्धि जैसी लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है। आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती ने अगली तिमाही से छोटी बचत पर मिलने वाली ब्याज दर में बाजार के अनुरूप बदलाव के संकेत दिए हैं। सरकार ने बैंक जमा दरों में कमी के बावजूद मौजूदा तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर में बदलाव से परहेज किया था।

विज्ञापन


उन्होंने कहा, ‘भारत में फिलहाल लघु बचत योजनाओं में 12 लाख करोड़ रुपये जमा हैं और बैंकों में 114 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। इसलिए बैंकों की देनदारी प्रभावित हो रही है। बैंक जब ऐसा कहते हैं तो यह स्थिति छोटी सी बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने जैसी लगती है।’
विज्ञापन


इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लघु बचतों पर मिलने वाली ब्याज दर को बाजार दर से जोड़ा जाना चाहिए, जो काफी हद तक सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) द्वारा ही तय होती हैं। उन्होंने कहा, श्यामला गोपीनाथ समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन इसे जोड़ने पर काम चल रहा है। चक्रवर्ती ने कहा, ‘इस तिमाही के लिए ब्याज दरें तय होने का इंतजार करें। इससे निश्चित रूप से अच्छे संकेत मिलेंगे।’ इसमें कुछ सिगनलिंग की समस्या है, जिस पर गौर किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

लघु बचतों की ब्याज दर बर बैंक उठा रहे हैं सवाल

बैंकर शिकायत कर रहे हैं कि लघु बचतों पर ऊंची ब्याज दर के चलते वे अपनी जमा दरों में कटौती नहीं कर पा रहे हैं। वर्तमान में एक साल की अवधि वाली बैंक और लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों में लगभग 100 आधार अंकों का अंतर है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार लघु बचत योजनाओं पर निर्भर नहीं है, लेकिन लोगों के व्यापक इस्तेमाल के कारण उसकी इन योजनाओं को बंद करने की कोई योजना नहीं है।

सरकार इस साल नहीं लेगी कोई अतिरिक्त कर्ज

क्या सरकार राजकोषीय घाटे का लक्ष्य बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कोष जुटाएगी, इस पर चक्रवर्ती ने कहा कि वह इस साल कोई अतिरिक्त कर्ज नहीं लेगी और घाटे के लिए पैसा जुटाने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। सरकार ने राजस्व में कमी के चलते आम बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी की तुलना में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य बढ़ाकर 3.8 फीसदी कर दिया, जबकि पहले यह 3.3 फीसदी तय किया गया था।

हासिल होगा जीडीपी विकास का लक्ष्य

जीडीपी विकास दर, कर संग्रह और घाटे के बजट अनुमान पर उन्होंने कहा कि ये आंकड़े वास्तविक हैं। उन्होंने कहा, ‘बीते साल हमने तमाम मुश्किलों का सामना किया और कुछ नीतिगत फैसले भी लिए गए। मुझे इन लक्ष्यों को हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं नजर आती है।’

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed