{"_id":"5fb21ff68ebc3e9bfd3f8dd9","slug":"diwali-gifts-may-be-treated-as-income-and-you-have-to-pay-tax-for-it","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम की खबर: दिवाली पर मिले हैं इतनी कीमत के तोहफे, तो देना पड़ेगा टैक्स","category":{"title":"Personal Finance","title_hn":"पर्सनल फाइनेंस","slug":"personal-finance"}}
काम की खबर: दिवाली पर मिले हैं इतनी कीमत के तोहफे, तो देना पड़ेगा टैक्स
Mon, 16 Nov 2020 12:15 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 16 Nov 2020 12:15 PM IST
विज्ञापन
दिवाली पर मिले तोहफे पर देना होगा टैक्स
- फोटो : pixabay
क्लियरटैक्स के संस्थापक और सीईओ अर्चित गुप्ता का कहना है कि नकदी, सोना, आभूषण या हीरे के अलावा जमीन, मकान और शेयर भी तोहफे के रूप में दिए जाते हैं। अगर यह तोहफे 50 हजार रुपये तक की कीमत के हैं, तो लेने वाले को कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा और यदि इनकी कीमत तय राशि से अधिक है तो पूरी कीमत पर टैक्स की गणना की जाएगी।
विज्ञापन
मसलन, आपको किसी वित्त वर्ष में 55 हजार रुपये के तोहफे मिले हैं, तो यह पूरी राशि आपके आय में जुड़ जाएगी। इस पर आयकर की धारा 56 (2) के तहत आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से कर की गणना की जाएगी। यह बात ध्यान में रखना जरूरी है कि 50 हजार की सीमा पूरे वित्त वर्ष के लिए मानी जाएगी।
विज्ञापन
अपनों के तोहफों पर नहीं लगेगा कोई कर
आयकर कानून करीबी रिश्तेदार या परिवार से मिले तोहफों तो पूरी तरह से टैक्स के बाहर रखता है। भले ही इनकी राशि 50 हजार से अधिक क्यों न हो। इसमें पति-पत्नी, भाई-बहन के अलावा पति या पत्नी के भाई-बहन से मिला तोहफा भी आयकर के दायरे से बाहर रहता है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: आज ही लें ये आठ संकल्प, आर्थिक रूप से होंगे मजबूत, वित्तीय संकट से रहेंगे दूर
इसके अलावा माता-पिता के भाई-बहन या विरासत में मिली संपत्ति पर भी टैक्स नहीं लगेगा। पति या पत्नी के निकटतम पूर्वज अथवा वंशज की ओर से मिले तोहफे भी कर छूट में आएंगे। हिंदू अविभाज्य परिवार (एचयूएफ) के किसी भी सदस्य से मिला तोहफा, पंचायत निगम, जिला बोर्ड से मिला तोहफा भी धारा 10(23सी) के तहत आयकर से बाहर रहेगा। इसके अलावा शिक्षण संस्थान, अस्पताल या ट्रस्ट की ओर से दिए गए चल-अचल तोहफों पर भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
आईटीआर में जानकारी देना जरूरी है
चार्टर्ड अकाउंटेट सुनील मेहता ने बताया कि आयकर रिटर्न दाखिल करते समय करदाता को संबंधित वित्त वर्ष में मिले तोहफे का भी ब्योरा देना होगा। जमीन या मकान जैसी संपत्तियों पर स्टांप शुल्क में से कंसिडेरेशन मूल्य को घटाकर टैक्स की गणना की जाएगी। सोने या आभूषण के मामले में भी पांच फीसदी कंसिडेरेशन मूल्य निकालने के बाद शेष बाजार राशि पर टैक्स देनदारी बनेगी।
यह भी पढ़ें: निवेश के मंत्र 75: NPS में सभी कर्मचारियों को मिल सकती है छूट , जानिए आपको कैसे होगा फायदा
आपके लिए कुछ काम की बातें-
- शादी के मौके पर किसी से भी मिला कोई भी तोहफा पूरी तरह टैक्स के दायरे से बाहर होगा। भले ही इसकी कीमत कितनी भी हो।
- शादी की तारीख से पांच दिन पहले या बाद में मिले तोहफे ही दायरे में आएंगे।
- जन्मदिन, वर्षगांठ जैसे मौके पर मिले तोहफे अगर 50 हजार से ज्यादा है तो टैक्स देना पड़ेगा।
- जमीन-मकान जैसी अचल संपत्ति पर टैक्स की गणना शुल्क के आधार पर की जाएगी। अगर शुल्क 50 हजार से ज्यादा है, तो टैक्स देना पड़ेगा।
- कार या अन्य वाहन चल संपत्ति में नहीं आते हैं।
- कंपनी या विभाग की ओर से पांच हजार से ज्यादा का तोहफा मिलता है, तो कर्मचारी को इस पर टैक्स देना पड़ेगा।