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आयकर विभाग के नोटिस को अनदेखा करना पड़ेगा महंगा, शुरू हुआ देशव्यापी अभियान
Sat, 26 Dec 2020 01:14 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 26 Dec 2020 01:14 PM IST
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आयकर विभाग के नोटिस को अनदेखा करना पड़ेगा महंगा
- फोटो : pixabay
देश में कर चोरी को रोकने के लिए बनाए गए आयकर विभाग के कानून सख्त हैं। करदाताओं को राहत देने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी के लिए आयकर विभाग अक्सर करदाताओं को नोटिस भी भेजता है। लेकिन कई करदाता अक्सर इसे अनदेखा कर देते हैं। अगर आपके पास भी विभाग से कोई नोटिस, कॉल या मैसेज आया है, तो अगली बार इसे अनदेखा करने से पहले दो बार सोच लें क्योंकि जवाब नहीं देने वाले लोगों की पहचान कर उनसे बकाया कर के साथ-साथ पेनल्टी वसूलने के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू किया गया है।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अब आयकर विभाग के नोटिस को अनदेखा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। विभाग ने 6,000 लोगों की पहचान की है, जिनकी इनकम टैक्स रिटर्न में दर्शाई गई आय उनके बैंकिंग लेनदेन से मेल नहीं खाती है। विभाग को जीएसटी नेटवर्क से जीएसटी टर्नओवर का, सेबी से कैपिटल मार्केट का और बैंकों से बैंकिंग लेनदेन का डाटा प्राप्त होता है।
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इसलिए अगर कोई असेसी रिटर्न में कम इनकम दर्शाता है, लेकिन अन्य स्रोतों से प्राप्त डाटा में इसमें अंतर नजर आता है, तो विभाग उससे जानकारी लेता है। इस मैसेज या कॉल का जवाब देना अनिवार्य है, वरना आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति के लिए रिटर्न की प्रोसेसिंग करना भी अनिवार्य है। कई बार तो ऐसा होता कि फिजिकल तरीके से भेजे गए नोटिस को लोग अनदेखा कर देते हैं। वहीं कुछ मामलों में करदाता इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग तो कर देते हैं, लेकिन आईटीआर-V फॉर्म का वेरीफिकेशन नहीं करते। वे न तो आधार ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन करते हैं और न ही फिजिकल कॉपी में हस्ताक्षर कर।
ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान में उन पर नजर रखी जाएगी जो जानकर ईमेल व एसएमएस के जरिए भेजे गए नोटिस को अनदेखा करते हैं।