फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   buying expensive products on emi will affect your credit score in future

ईएमआई पर न खरीदें हर सामान, क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है असर

Mon, 27 May 2019 02:30 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 27 May 2019 02:30 PM IST
विज्ञापन
buying expensive products on emi will affect your credit score in future
क्रेडिट स्कोर, सांकेतिक तस्वीर

अगर आप आजकल हर कीमती उत्पाद ईएमआई पर खरीदते हैं तो फिर ऐसा करना बंद कर दें। ऐसा इसलिए क्योंकि इस तरह का कार्य करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर काफी नकारात्मक असर पड़ता है। वहीं इस तरह से उत्पाद खरीदना भी महंगा पड़ता है। 

विज्ञापन

देना पड़ता है ज्यादा ब्याज

ईएमआई पर सामान खरीदने से केवल एक फायदा होता है। वो फायदा यह है कि आपको एक साथ पैसा नहीं देना पड़ता है। छोटी-छोटी किस्त के जरिए आप तीन से लेकर के एक साल में पैसा चुका सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद हर वक्त इस तरह से सामान खरीदना कई मुश्किलें ला सकता है। 

विज्ञापन


मान लीजिए आपने पचास हजार रुपये का कोई सामान खरीदा। अब उसकी ईएमआई भी बंधवा ली। लेकिन उसकी एक ईएमआई भी अगर आपकिसी वजह से चुका नहीं पाए तो यह आपके क्रेडिट स्कोर पर असर डाल देता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इन वस्तुओं पर मिलती है ईएमआई की सुविधा

आजकल बैंक और ई-कॉमर्स कंपनियां नो कास्ट ईएमआई पर भी सामान खरीदने की सुविधा दे रही हैं। यह ऑफर मोबाइल फोन, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और एसी खरीदने पर दिया जा रहा है।

आप चुकाते हैं ज्यादा पैसा

अगर आपको लगता है कि नो कॉस्ट ईएमआई पर सामान खरीदना महंगा नहीं है, तो फिर यह गलत सोच है। नॉर्मल ईएमआई हो या फिर नो कॉस्ट ईएमआई आप हमेशा एमआरपी से ज्यादा पैसा चुकाते हैं। 

16 से 24 फीसदी ब्याज

इस तरह की स्कीम पर आपको 16 से 24 फीसदी ब्याज देना होता है। बैंक आपसे पर्सनल लोन पर लगने वाले ब्याज दर को ही नो कॉस्ट ईएमआई में लिया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक के सर्कुलर के अनुसार जीरो या फिर नो कॉस्ट ईएमआई का सिद्धांत ही नहीं है। बैंक व अन्य वित्तीय कंपनियां इसको केवल मार्केटिंग छलावा है, क्योंकि किसी को भी कुछ सस्ता नहीं मिलता है।

ईएमआई में जुड़ी होती है ब्याज दर

प्रत्येक ईएमआई में बैंक ब्याज भी जोड़कर चलते हैं। इसी आधार पर किश्त बनती है। मान लीजिए आपने 20 हजार का फोन लिया और उस पर कंपनी ने पांच हजार की छूट दे दी। अब आपने उसको एक साल के समयवधि के लिए ईएमआई पर लिया है।

अगर ब्याज न लिया जाए तो फिर हजार रुपये प्रति महीने की किश्त बनेगी। लेकिन ऐसा नहीं है। आपको यह फोन ब्याज मिलाकर 20 हजार रुपये से ज्यादा का ही पड़ेगा। इसलिए ऐसे छलावे में आने से पहले पूरी तरह से ईएमआई के नियम व शर्तों को पूरी तरह से पढ़ लें। 



(नोट--यह खबर विभिन्न पर्सनल फानेंस एक्सपर्ट से बातचीत के आधार पर लिखी गई है। ईएमआई पर सामान लेने से पहले अपने बैंक या फिर पर्सनल फाइनेंस सलाहाकार से सलाह अवश्य ले लें।)

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed