फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   banks to launch repo rate linked loan know how customers will get benefit

होम, ऑटो और पर्सनल लोन को रेपो से जोड़ेंगे बैंक, पर क्या ग्राहकों की घटेगी EMI?

Fri, 06 Sep 2019 10:25 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Fri, 06 Sep 2019 10:25 AM IST
विज्ञापन
banks to launch repo rate linked loan know how customers will get benefit

रिजर्व बैंक ने अगले महीने से सभी बैंकों को कर्ज की दरें रेपो से जोड़ने का निर्देश दिया है। इस कदम से निश्चित तौर पर उपभोक्ताओं की कर्ज की लागत में कमी आएगी। जानकारों का मानना है कि इसके बावजूद कर्ज की ईएमआई में ज्यादा अंतर आने की संभावना नहीं है। 

विज्ञापन


दरअसल, बैंक कर्ज पर ब्याज की गणना भी तिमाही आधार पर करते हैं। इसका मतलब हुआ कि किसी कटौती का लाभ ग्राहकों तक तीन महीने में पहुंचेगा। इसके अलावा अगर दरों में बदलाव किसी विशेष तिथि पर होता है, तो बैंक प्रो-राटा आधार पर ब्याज की गणना करते हैं। दरों में इस उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचने के लिए ज्यादातर बैंक अपने कर्ज की संरचना को पुनर्गठित करेंगे, जिसका असर इंस्टॉलमेंट पर भी होगा। ऐसे में ब्याज दर की अपेक्षा ईएमआई में तुलनात्मक कमी नहीं आएगी और कर्जधारक को ईएमआई के रूप में ज्यादा रकम का ही भुगतान करना होगा। 

विज्ञापन

इसका भी होगा असर

एसबीआई ने हाल में कहा था कि ग्राहकों को हर साल अपने मूल कर्ज का तीन फीसदी आवश्यक रूप से चुकाना होगा, जबकि अधिकतर बैंक अपने कर्ज की सुरक्षा के लिए ब्याज की अधिकतम राशि शुरुआती वर्षों में ही वसूलते हैं। ऐसे में ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ बढ़ना तय माना जा रहा। दूसरी ओर, आने वाली तिमाहियों में अगर आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाया तो इससे जुड़े होम लोन या अन्य किसी कर्ज की ईएमआई भी अचानक काफी बढ़ जाएगी। मौजूदा रेपो रेट 5.40 फीसदी है, जबकि न्यूनतम स्तर 4.75 फीसदी रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कर्ज में बदलाव के लिए सावधानी से करें चुनाव 

जिन उपभोक्ताओं ने पहले से ही कर्ज ले रखा है और एमसीएलआर आधारित ब्याज दर से ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं, उन्हें अपने कर्ज को रेपो से जोड़ने में जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए। अभी आधा दर्जन से ज्यादा सरकारी बैंक अपनी ब्याज दरें रेपो रेट से जोड़ चुके हैं, लेकिन ग्राहक को सभी बैंकों को इस दायरे में आने तक इंतजार करना चाहिए।

  • अपने ही बैंक के रेपो रेट आधारित होम लोन में शिफ्ट करना आसान है, जिसके लिए अपफ्रंट कन्वर्जन शुल्क को ध्यान में रखकर ब्याज की गणना करनी चाहिए।
  • ग्राहक जिस समय नए बेंचमार्क पर शिफ्ट करता है तो बैंक शेष बची राशि पर कन्वर्जन शुल्क वसूलते हैं। एसबीआई का शुल्क 0.25 फीसदी है।
  • अगर आप दूसरे बैंक के पास जाना चाहते हैं तो प्रोसेसिंग, वैल्यूएशन और कानूनी शुल्क जैसे दूसरे चार्ज भी आपको देने पड़ेंगे। 
  • लोन ट्रांसफर से पहले यह गणना जरूरी है कि बैंक आपके ऋण पर कितना चार्ज वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed