कर में छूट के लिए अब भी है निवेश का मौका , ये है आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि
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आयकर विभाग ने कोरोना वायरस की वजह से 2019-20 के लिए निवेश की अवधि 3 महीने बढ़ा दी है। यानी इस बार करदाता जून तक किए गए निवेश को भी पिछले वित्त वर्ष में शामिल मानकर उस पर कर छूट का दावा पेश कर सकते हैं। ऐसे में अगर आपको लगता है कि कर देनदारी बन रही है जबकि निवेश की सीमा अभी बाकी है, तो इस महीने का आखिर तक निवेश कर टैक्स बचा सकते हैं। निवेशक कैसे बनाएं इसकी रणनीति पढ़िए प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट...
आयकर मामलों के जानकार और सीए गिरीश नारंग का कहना है कि सरकार ने भले ही बीते वित्त वर्ष के लिए निवेश की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी है। लेकिन इसकी सीमा पहले से तय है निवेश राशि के दायरे में होनी चाहिए।
मसलन, आयकर की धारा 80 सी के तहत किसी वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख तक के निवेश पर ही कर छूट का दावा पेश कर सकती है। अगर कोई करदाता इस धारा के तहत 31 मार्च तक एक लाख का ही निवेश कर सका है और रिटर्न में उसकी कर देनदारी बन रही है तो वह 30 जून तक अतिरिक्त 50,000 का निवेश कर उस पर भी बीते वित्त वर्ष के लिए टैक्स छूट का लाभ ले सकता है। नारंग ने कहा कि यह रियायत उन परिस्थितियों में दी गई है। जब कोई करदाता अपने निवेश के लक्ष्यों को पूरा नहीं कर सका हो। इसमें जीवन बीमा स्वास्थ्य बीमा बीएफ या राष्ट्रीय बचत योजना जैसे विकल्पों में निवेश की छूट मिलेगी।
आयकर फॉर्म में किया है बदलाव
नए आयकर रिटर्न फॉर्म में अनुसूचि-डीआई (डिटेल्स ऑफ इन्वेस्टमेंट) को भी जोड़ा गया है। इसके तहत करदाता को 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 के बीच टैक्स बचत योजनाओं में किए गए निवेश या अनुदान की अलग से जानकारी देनी होगी। सरकार ने रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा में कई रियायतें दी है। जिसके लिए कराधान एवं अन्य अधिनियम अध्यादेश 2020 लागू किया गया है। इसके अलावा 2019-20 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि पहले ही बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी है। जिससे टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तारीख भी 1 महीने बढ़ाई गई है।
काम की जानकारी
- एफडी या बचत खाते की ब्याज पर टीडीएस कटौती से बचने के लिए सीबीडीटी ने 15G/ फॉर्म 15H की वैधता 30 जून तक बढ़ा दी है।
- 30 जून तक किए गए निवेश पर वित्त वर्ष 2020 में टैक्स छूट का लाभ लिया तो चालू वित्त वर्ष मेक क्लेम नहीं कर सकते हैं।
- एलआईसी की पुरानी पॉलिसी पर प्रीमियम या मेडिकल क्लेम में दी गई राशि पर भी मिलेगा लाभ
- 2018-19 के लिए रिवाइज्ड आयकर रिटर्न भरने की तारीख भी 30 जून है।
- वरिष्ठ नागरिक 30 जून तक सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम्स में निवेश कर सकेंगे।
निवेशकों को ज्यादा मौके
निवेशकों के लिए आयकर छूट का लाभ उठाने का दोहरा मौका है। इसलिए रिटर्न फॉर्म में डीआई का नया प्रावधान जोड़ा गया जो 1 अप्रैल से 30 जून के बीच के निवेश की अलग से जानकारी मांग रहा है। इसमें उसी राशि को भरें जिसका क्लेम 2019-20 के लिए करना हो।
- अर्चित गुप्ता, संस्थापक-सीईओ क्लियरटैक्स