सरकार के इस कदम से 18 लाख बकायेदारों को मिलेगी राहत
केंद्र सरकार ने छोटे आयकर बकायेदारों को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला किया है, जिससे 18 लाख बकायेदारों को फायदा होगा। हालांकि सरकार को खुद इस फैसले से करीब 7 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अंदेशा है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने उन सभी बकायेदारों का बकाया माफ करने की घोषणा की है, जिनकी देनदारी 100 रुपये से कम है। सीबीडीटी की इस पहल को वित्त मंत्रालय ने अपनी मंजूरी दे दी है।
बकाये के कुल मामलों में आएगी 10 फीसदी की कमी
सीबीडीटी के इस कदम से बकाये के कुल चल रहे मामलों में 10 फीसदी की कमी आ जाएगी। इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 100 रुपये से कम बकाये के ज्यादातर मामलें तीन साल पुराने हैं।
इससे करदाताओं की दिक्कतों का समाधान होगा। साथ ही बकायेदारों की हमारी सूची भी कम होगी। वैसे भी इस रकम को वसूलना मुश्किल है।
सरकार करना चाहती है बड़े करदाताओं पर फोकस
सरकार का मकसद छोटे बकायेदारों को राहत देते हुए बड़े बकायेदारों पर अपना फोकस करना चाहती है। सरकार के पास कई ऐसे मामलें फिलहाल लंबित हैं, जिनमें वसूली का खर्च मिलने वाले कर से ज्यादा है।
ऐसे में सरकार केवल उन्हीं मामलों पर अपना फोकस रखना चाहती है, जिनमें वसूली की रकम बकाये की रकम से कम हो। अभी सीबीडीटी के पास 100 रुपये से लेकर के 5 हजार रुपये के 22 लाख से अधिक मामले लंबित हैं।
कर विभाग का केंद्रीकृत प्रॉसेसिंग सेंटर (सीपीसी) पहले ही 4.19 करोड़ से ज्यादा आयकर रिटर्न (आईटीआर) को प्रॉसेस कर चुका है।