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पेमेंट बैंक पर सरकार की शर्तें मान सकती है व्हाट्सएप, फर्जी खबरों पर भी होगी चर्चा
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Aug 2018 05:16 PM IST
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मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ने अपने पेमेंट बैंक को भारत में मंजूरी दिलाने के लिए प्रयास तेज कर दिया है, जिसके तहत कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अगले सप्ताह केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात करेंगे। इस दौरान, व्हाट्सएप पर फर्जी खबरों को रोकने पर भी चर्चा हो सकती है।
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व्हाट्सएप कंपनी की पेमेंट सेवा को आईटी मंत्रालय की आपत्ति के चलते ही अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है, ऐसे में यह मुलाकात बहुत अहम मानी जा रही है।
मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और एनपीसीआई के समक्ष कंपनी की पेमेंट सेवा पर आपत्ति जताते हुए उसे देश में कार्यालय स्थापित करने के साथ ही, पेमेंट बैंक शुरू करने से पहले इसके आला अफसरों की नियुक्ति के लिए कहा था। इस पर हालांकि व्हाट्सएप ने अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, व्हाट्सएप के सीईओ ने पेमेंट बैंक के मुद्दे को लेकर मंत्री रविशंकर प्रसाद से मिलने का वक्त मांगा था, जिस पर मंत्रालय ने अगले सप्ताह बुधवार का वक्त दिया।
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आईटी मंत्रालय ने जताई थी आपत्ति
सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को गति देने के लिए आरबीआई बीते दिनों कई पेमेंट बैंक को मंजूरी दे चुका था। इसी दौरान, व्हाट्सएप की पेमेंट सेवाओं को अनुमति देने की प्रक्रिया जारी थी, लेकिन आईटी मंत्रालय की आपत्ति के बाद उसका मामला ठंडे बस्ते में चला गया, जिसके बाद व्हाट्सएप प्रबंधन ने अपनी कोशिशें तेज की हैं।
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मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, पेमेंट बैंक के अलावा हमारी ओर से व्हाट्सएप सीईओ के समक्ष फर्जी खबरों को रोकने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। मंत्रालय दोनों ही मामलों में गंभीर है और देश के किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं हो, इसके लिए प्रतिबद्ध है।
माना जा रहा है कि व्हाट्सएप अपनी पेमेंट सेवा शुरू करने से पहले अधिकारियों की नियुक्ति करने की मंत्रालय की शर्त को पूरा करने के लिए तैयार है।
दूसरे जवाब से सहमत नहीं सरकार
गौरतलब है कि फर्जी खबरों के मामले में व्हाट्सएप द्वारा दिए गए दूसरे जवाब से मंत्रालय सहमत नहीं है। कंपनी ने अपने जवाब में कहा था कि हम हर संदेश की निगरानी नहीं कर सकते, जबकि मंत्रालय चाहता था कि व्हाट्सएप फर्जी संदेश फैलाने वाले समूहों को लक्षित करने का कदम उठाए। व्हाटसएप ने अपने प्लेटफॉर्म पर 5 समूह में ही संदेश आगे बढ़ाने का कदम उठाया था।