26 साल के राहुल, कर्मचारियों को दिए 200 करोड़
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हाउसिंग डॉट कॉम के सिर्फ 26 साल के को-फाउंडर और सीईओ राहुल यादव ने घोषणा की है कि वह अपनी शेयरहोल्डिंग कंपनी के 2,251 कर्मचारियों में बांटेंगे।
राहुल के अनुसार कंपनी में उनकी शेयरहोल्डिंग करीब 150 करोड़ रुपए से लेकर 200 करोड़ रुपए तक है। इसकी जानकारी बुधवार शाम को हाउसिंग डॉट कॉम की पब्लिक रिलेशन एजेंसी ने कर्मचारियों को दी।
कुछ समय पहले ही राहुल इस्तीफा देने के चलते सुर्खियों में छाए थे। ट्विटर पर भी ये कई दिनों तक ट्रेंड करते रहे। राहुल ने कंपनी को भेजे इस्तीफे में लिखा था कि हाउसिंग डॉट कॉम के बोर्ड के सदस्यों और निवेशकों में कोई भी बौद्धिक रूप से इतना सक्षम नहीं है कि उनके साथ कोई समझदारी भरी चर्चा की जा सके।
अपनी बात को कहते हुए राहुल ने लिखा था- 'मैं यह सिर्फ कह नहीं रहा हूं, बल्कि साबित भी कर सकता हूं। मेरी जिंदगी के सिर्फ 3 लाख घंटे बचे हैं और मैं इन्हें आप लोगों के साथ बर्बाद नहीं कर सकता हूं।'
राहुल यादव आईआईटी बॉम्बे से फोर्थ ईयर ड्रॉपआउट हैं, जिन्होंने हाउसिंग डॉट कॉम रियल एस्टेट स्टार्टअप को आईआईटी बॉम्बे के ही कुछ ग्रेजुएट्स के साथ मिलकर जून 2012 में शुरू किया था।
खड़े हो रहे हैं ये 3 सवाल
1- इस बात पर यह भी साफ नहीं हो पाया है कि राहुल के इस फैसले पर अन्य निवेशकों का भी समर्थन है या नहीं। कंपनी में सॉफ्टबैंक, हेलियन वेंचर पार्टनर्स और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स की भी हिस्सेदारी है।
2- राहुल यादव का अपने कर्मचारियों को शेयर देना कंपनी की शेयर वैल्यू के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है। निवेशक उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करना अच्छा मानते हैं जिनके प्रमोटर/फाउंडर की हिस्सेदारी अधिक होती है। वहीं दूसरी ओर कंपनी में प्रमोटर/फाउंडर की हिस्सेदारी कम होना निवेशकों के मन में नकारात्मक छवि बनाता है।
3- कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यादव का कदम सिर्फ एक पब्लिसिटी स्टंट है। दिसंबर 2014 में ही हाउसिंग डॉट कॉम की वैल्यू 1500 करोड़ रुपए हो गई है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि राहुल यादव के 4.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी के हिसाब से उनका हिस्सा लगभग 70 करोड़ रुपए बनता है, न कि 150-200 करोड़ रुपए।
पहले भी रहे हैं विवादों में
यह पहली बार नहीं है जब राहुल यादव का नाम सामने आया है। इससे पहले भी कई बार राहुल विवादों में रह चुके हैं।
कुछ समय पहले ही राहुल यादव का नाम टाइम्स ग्रुप के साथ कानूनी लड़ाई को लेकर सामने आया था। आपको बता दें कि टाइम्स ग्रुप मैजिकब्रिक्स डॉट कॉम वेबसाइट चलाता है, जो हाउसिंग डॉट कॉम का प्रतिद्वंद्वी भी है।
मार्च 2015 में यादव ने सिकोइया (Sequoia) कैपिटल इंडिया के शैलेंद्र सिंह को एक ईमेल लिखा था, जिसमें शैलेंद्र पर अमानवीय और गलत काम करने का आरोप लगाया था।
आपको बता दें कि सिकोइया कैपिटल अमेरिका की कंपनी है, जिसमें कई भारतीय स्टार्टअप जैसे ओला और कार देखो में पैसे लगाए हुए हैं। हालांकि, इसने हाउसिंग डॉट कॉम में पैसे नहीं लगाए हैं।
ये हैं कंपनी के बोर्ड में
हाउसिंग डॉट कॉम में दिसंबर 2014 में जापान की सॉफ्टबैंक की तरफ से 550 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसके बाद कंपनी की वैल्यू 1,500 करोड़ रुपए हो गई है।
कंपनी के बोर्ड में राहुल यादव, सीओओ और को-फाउंडर अदवित्य शर्मा, सॉफ्टबैंक के निकेश अरोड़ा, हेलियन वेंचर पार्टनर्स के आशीष गुप्ता और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स के सुविर सुजान हैं। हालांकि, निकेश अरोड़ा भी बोर्ड से कुछ समय पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
आपको बता दें हाउसिंग डॉट कॉम में जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक की करीब 30 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसके अन्य निवेशकों में फैल्कन एड, नेक्सस वेंचर पार्टनर्स और क्वालकॉम वेंचर्स हैं।