स्नैपडील बेच रही थी शक्तिवर्धक दवाएं, पड़ा छापा
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गुरुवार को महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने ई-कॉमर्स के दिग्गज स्नैपडील के कॉर्पोरेट ऑफिस पर छापा मारा है। स्नैपडील पर आरोप था कि वह ऐसी दवाएं ऑनलाइन बेच रही है जो बिना प्रिसक्रिप्शन के नहीं बेची जा सकती हैं।
एफडीए कमिश्नर हर्षदीप कांबले ने बताया कि जैसे ही उन्हें ये जानकारी मिली तो उन्होंने स्नैपडील के ऑफिस पर रेड मार दी। उन्हें सूचना मिली थी कि स्नैपडील एसकोरिल कफ सीरप और विगोरा जैसी दवाएं बिना प्रिसक्रिप्शन के बेच रही है।
आपको बता दें कि विगोरा सेक्स समस्याओं से संबंधित दवा है, जिसे सिर्फ रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की निगरानी में और रजिस्टर्ड मेडिकल स्टोर से ही बेचा जा सकता है।
साथ ही, इन दवाओं को खरीदने के लिए किसी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर से प्रिसक्रिप्शन लेना जरूरी है। इन दवाओं को यूं ही साधारण दवाओं की तरह बेचना गैर कानूनी है।
अन्य पोर्टल पर भी नजर
कांबले ने स्नैपडील के गोरेगांव स्थित ऑफिस पर छापा मारा, लेकिन वहां से कुछ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वह स्नैपडील के भिवंडी स्थित गोडाउन की भी तलाशी ले रहे हैं। साथ ही, फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी अन्य ई-कॉमर्स पोर्टल पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
जब इसके बारे में स्नैपडील से बात की गई तो उन्होंने इसका सारा दोष सेलर्स के मत्थे मढ़ दिया। स्नैपडील ने कहा कि उन्होंने इन सभी दवाओं को वेबसाइट से हटा दिया है।
स्नैपडील डॉट कॉम एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां पर रिटेलर, डिस्ट्रिब्यूटर, छोटे, मध्यम और बड़े उद्योपति अपने प्रोडक्ट बेचते हैं। इनमें से कई सेलर तो अपने प्रोडक्ट ऑफलाइन भी बेचते हैं।