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ई-कॉमर्स कंपनियों पर सरकार कसेगी नकेल, जल्द लागू होंगे नए नियम

Mon, 24 Dec 2018 05:01 PM IST
संदीप भट्ट पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Mon, 24 Dec 2018 05:01 PM IST
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government to soon regulate e commerce companies via legitimate bill

केंद्र सरकार लोकसभा में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद ई-कॉमर्स कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी में है। दरअसल ऑनलाइन विक्रेताओं के लिए नए नियम जारी का काम अंतिम चरण में है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव अविनाश श्रीवास्तव के मुताबिक ई-कॉमर्स कंपनियों को पैसा वापसी, सामान वापसी, सामग्री बदलाव जैसी तमाम नीतियों को ग्राहकों के समक्ष स्पष्ट करना होगा। साथ ही ग्राहकों की शिकायतें दूर करने का बेहतर तंत्र भी बनाना होगा। अगर कंपनियां नियमों का अनुपालन नहीं करेंगी तो जुर्माने का प्रावधान है। 

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लोकसभा में पारित हो चुके उपभोक्ता संरक्षण विधेयक में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अलग प्रावधान हैं। सरकार को उम्मीद है कि यह जल्द राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा, क्योंकि विपक्षी दल भी इसके समर्थन में हैं। सचिव अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि नए नियम का मसौदा तैयार है,जैसे ही विधेयक को संसद से मंजूरी मिलेगी।
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उसके शामिल प्रावधानों के तहत नए नियम जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नए नियमों में तमाम हिस्सेदारों से सुझाव लेकर व्यापक बनाया गया है। ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जो नजर अंदाज हो गया हो। यह विधेयक से इतर ई-कॉमर्स कंपनियों की प्रक्रिया में सुधार के लिए हैं। इसके तहत ग्राहकों की शिकायतों का निपटारा चार स्तर पर होगा।
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ई-कॉमर्स कंपनियों को ग्राहक को कस्टमर केयर, शिकायत निपटारा अधिकारी, अपीलीय प्राधिकर और चौथा उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण को सुविधा मिलेगी। अगर यह पाया गया कि ई-कॉमर्स कंपनीने जानबूझकर ग्राहक की शिकायत को नजरअंदाज किया तो जुर्माना भी लगेगा। 

नए नियमों में उन स्थितियों को भी स्पष्ट किया गया है जिनमें कस्टमर केयर से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में ग्राहक आगे कदम उठा सकेगा। शिकायत किसी भी तरह की हो, ई-कॉमर्स के लिए उनका निपटारा समुचित तरीके से करना होगा। साथ ही निपटारे का समय 30 से 45 दिन भी निर्धारित रहेगा।

याद रहे कि ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ वर्ष 2017-18 में शिकायतों में 42 फीसदी का इजाफा हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा वर्ष के अंत तक देश में ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या 12 करोड़ हो जाएगी। जबकि पिछले वित्त वर्ष तक करीब 10.8 करोड़उपभोक्ता थे। अनुमान है कि वर्ष 2020-21 तक ई-कॉमर्स बिजनेस 2.5 लाख करोड़ से 2.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

मंत्रालय के मुताबिक नए नियमों के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को ग्राहकों का पैसा लौटाने की नियत अवधि बतानी होगी। साथ ही अगर उसकी ओर से खरीदी गई वस्तु ऑनलाइन विक्रेता को वापस भेजी जाती है तो उसकी प्रक्रिया की जानकारी देनी होगी।

इसके अलावा सामग्री में बदलाव,उसके खराब निकलने की स्थिति और सामान गलत जगह डिलिवर होने पर ग्राहक को क्या कदमउठाने है। इसके बारे में नियमों को वेबसाइट के अलावा ग्राहक को भेजे गए संदेश में लिंक के माध्यम से और जानकारी चाहने पर हेल्पलाइन के जरिए स्पष्ट करना होगा। 


गौरतलब है कि उपभोक्ता संरक्षण विधेयक में ई-कॉमर्स और प्रत्यक्ष बिक्री में अनुचित व्यवहार को रोकने तथा इन मामलों में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार को समुचित कदम उठाने का अधिकार दिया गया है। 

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