गूगल ने लांच किया बोलो ऐप, स्कूली बच्चों को सिखाएगा हिंदी व अंग्रेजी
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विश्व की सबसे बड़ी सर्च इंजन कंपनी गूगल अब शिक्षा के क्षेत्र में उतर आई है। कंपनी ने ग्रामीण व शहरी बच्चों को पढ़ाने के मकसद से बोलो नाम से ऐप लांच किया है। इस ऐप की मदद से वो इन बच्चों को अंग्रेजी व हिंदी भाषा पढ़ाएगा।
प्राथमिक शिक्षा पर किया फोकस
कंपनी ने अपना फोकस प्राथमिक शिक्षा पर कर लिया है। गूगल के इंजीनियर्स द्वारा तैयार किए गए इस ऐप की मदद से बच्चे आसानी से हिंदी में कहानी, कविताएं और पजल गेम खेल सकेंगे।
पांच से 10 साल के बच्चों के लिए मददगार
गूगल ने कहा है कि यह ऐप पांच से 10 साल के बच्चों के लिए काफी मददगार साबित होगा। स्पीच रिकॉगनिशन और स्पीच-टू टेक्सट तकनीक पर आधारित इस ऐप पर बच्चों को तेज आवाज में कहानी सुनने को मिलेगी। इस ऐप की मदद से बच्चे सही तरह से भाषा का उच्चारण कर सकेंगे।
दिया है वॉयस असिस्टेंट
गूगल ने अपने इस ऐप में वॉयस असिस्टेंट को भी सम्मलित किया है। इस सहायक का नाम 'दिया' है। यह बच्चों में देखेगा कि वो शब्दों और वाक्यों का सही से उच्चारण कर रहा है या नहीं। इसके अलावा कमजोर बच्चों को बार-बार प्रयोग करने की सलाह भी देगा।
200 गांवों में शुरू हुआ था पायलट
कंपनी ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मौजूद 200 गांवों में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस ऐप से फिलहाल 900 बच्चे लाभांवित हो रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इसे बुधवार को लांच कर दिया।
90 किताबों की लाइब्रेरी
बोलो ऐप में फिलहाल 90 किताबों की लाइब्रेरी तैयार की गई है। इसमें 50 किताबें हिंदी की और 40 अंग्रेजी में उपलब्ध हैं। 15 लाख स्कूलों के करीब 25 करोड़ छात्रों को इससे जोड़ा जाएगा। गूगल के प्रोडक्ट मैनेजर नीतिन कशयप ने कहा कि इस ऐप के लिए चार एनजीओ को साझेदार बनाया गया है।
इसके अलावा कंपनी एनसीईआरटी और अन्य शैक्षिक संस्थानों के साथ काम करेगी। कशयप ने कहा कि बच्चों के अलावा माता -पिता भी अपने बच्चों की पढ़ाई पर नजर रख सकेंगे।
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