स्नैपडील को शक्तिवर्धक दवाएं बेचना पड़ा भारी, FIR का आदेश
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महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने स्नैपडील के सीईओ कुणाल बहल और कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ प्रिसक्रिप्शन की दवाएं बेचने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
पिछले ही महीने ई-कॉमर्स दिग्गज स्नैपडील के कॉर्पोरेट ऑफिस पर छापा मारा गया था। स्नैपडील पर आरोप था कि वह ऐसी दवाएं ऑनलाइन बेच रही है जो बिना प्रिसक्रिप्शन के नहीं बेची जा सकती है।
एफडीए कमिश्नर हर्षदीप कांबले ने बताया था कि जैसे ही उन्हें ये जानकारी मिली तो उन्होंने स्नैपडील के ऑफिस पर रेड मार दी। उन्हें सूचना मिली थी कि स्नैपडील एसकोरिल कफ सीरप और विगोरा जैसी दवाएं बिना प्रिसक्रिप्शन के बेच रही है।
आपको बता दें कि विगोरा सेक्स समस्याओं से संबंधित दवा है, जिसे सिर्फ रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की निगरानी में और रजिस्टर्ड मेडिकल स्टोर से ही बेचा जा सकता है।
साथ ही, इन दवाओं को खरीदने के लिए किसी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर से प्रिसक्रिप्शन लेना जरूरी है। इन दवाओं को यूं ही साधारण दवाओं की तरह बेचना गैर कानूनी है।
सेलर्स पर डाला दोष
कांबले ने स्नैपडील के गोरेगांव स्थित ऑफिस पर छापा मारा था, लेकिन वहां से कुछ नहीं मिला। इसके बाद स्नैपडील के भिवंडी स्थित गोडाउन की भी तलाशी ली गई थी। साथ ही, फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी अन्य ई-कॉमर्स पोर्टल पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
जब इसके बारे में स्नैपडील से बात की गई तो उन्होंने इसका सारा दोष सेलर्स के मत्थे मढ़ दिया था, लेकिन अब एफडीए ने एफआईआर दर्ज करने के ही आदेश दे दिए हैं।
स्नैपडील डॉट कॉम एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां पर रिटेलर, डिस्ट्रिब्यूटर, छोटे, मध्यम और बड़े उद्योपति अपने प्रोडक्ट बेचते हैं। इनमें से कई सेलर तो अपने प्रोडक्ट ऑफलाइन भी बेचते हैं।