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त्योहारी सीजन में मंदी छंटने की उम्मीद, तीन में से दो उपभोक्ता बना रहे खरीदारी की योजना
Wed, 19 Aug 2020 12:52 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 19 Aug 2020 12:52 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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त्योहारी सीजन में बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। कंपनियों द्वारा दिवाली सेल लगाने से खरीदारी और भी बढ़ जाती है। इस साल कोरोना वायरस के कारण मांग बेहद कम है। लेकिन करीब चार महीने के नाउम्मीदी के दौर को बाद इस त्योहारी सीजन में भी बाजारों में रौनक बढ़ने के आसार हैं। इस साल दिवाली के आसपास आम जरूरतों वाली कई कैटेगरी के उत्पादों की बिक्री में इजाफा हो सकता है।
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एक निजी प्लेटफॉर्म टीआरए रिसर्च द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट 'दिवाली 2020: खरीदारी रुझान' के अनुसार, प्रत्येक तीन में से दो उपभोक्ता इस बार दिवाली के मौके पर खरीदारी की योजना बना रहे हैं। बाजार में खरीदारी को लेकर सकारात्मक रुझान रखने वाले लोगों की संख्या 65 फीसदी है, जबकि 28 फीसदी लोगों के मनोभाव में कोई अंतर नहीं आया है।
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दिवाली पारंपरिक रूप से भारत में उपभोक्ता उत्पादों की खपत में उछाल का दौर होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय उपभोक्ता खर्च बढ़ाते हैं, और ब्रांड अपना ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। यह दिवाली कई ब्रांडों के लिए एक निर्णायक कारक होगी, क्योंकि वे त्योहारी सीजन के लिए पूरी तैयारी करते हैं।
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इन उत्पादों की बढ़ेगी मांग
त्योहारी सीजन में मोबाइल पोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, टीवी, दो पहिया वाहन, रेडिमेड कपड़े, फर्नीचर और ज्वैलरी की मांग बढ़ने की उम्मीद है। ये उत्पाद ग्राहकों की पहली प्राथमिकता है। इसके बाद कार, रसोई के सामान और लैपटॉप जसे उत्पाद मध्यम स्तर की प्राथमिकता में है। वहीं प्राथमिकता में सबसे निचले स्तर पर यात्रा और अपने घर की साज-सज्जा कराना है।
इस रिपोर्ट में अपभोक्ताओं पर कोरोना के असर पर बी प्रकाश डाला गया है। इसके अनुसार, महामारी ने लोगों की खरीदारी प्रवृत्ति को बुरी तरह से प्रभावित किया है। रिटेल सेक्टर पर इसकी सबसे ज्यादा मार पड़ी है। इसलिए इस साल उपभोक्ताओं के खर्च में करीब 5.1 फीसदी की कमी रह सकती है। हालांकि, तब भी उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारों के शुरू होते ही मांग बढ़ेगी।