{"_id":"5a1152cf4f1c1bee688bc760","slug":"cash-on-delivery-back-on-ecommerce-websites-digital-transactions-comes-to-low","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ई-कॉमर्स वेबसाइट पर वापस आया कैश ऑन डिलीवरी, अब कम हो रहे हैं डिजिटल पेमेंट","category":{"title":"Online Market","title_hn":"ऑनलाइन मार्केट","slug":"online-market"}}
ई-कॉमर्स वेबसाइट पर वापस आया कैश ऑन डिलीवरी, अब कम हो रहे हैं डिजिटल पेमेंट
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 19 Nov 2017 03:16 PM IST
विज्ञापन
ऑनलाइन
- फोटो : source
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी के बाद से सरकार जहां कैश लेनदेन को कम करके डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दे रही है, वहीं ई-कॉमर्स कंपनियों में कैश से सामान मंगाने का चलन फिर से बढ़ गया है। नोटबंदी के बाद इसमें करीब 55 फीसदी की गिरावट आ गई थी।
विज्ञापन
65 फीसदी तक हो रहा है कैश ऑन डिलीवरी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोटबंदी के बाद लोग कैश के बजाए डिजिटल माध्यम जैसे कि क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेटबैंकिंग, मोबाइल वॉलेट जैसे माध्यमों का प्रयोग करके सामान का ऑर्डर कर रहे थे। वहीं कैश का प्रयोग केवल 45 से 55 फीसदी के बीच हो रहा था। स्नैपडील, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स साइट पर कैश एक बार फिर से किंग बन गया है।
विज्ञापन
टियर टू और थ्री शहरों में कैश लेनदेन
ज्यादातर टियर टू और टियर थ्री शहरों में भी ई-कॉमर्स कंपनियां अब धीरे-धीरे अपना रूख कर रही हैं। यहां पर लोग सामान मंगाने के लिए कैश ऑन डिलीवरी का चयन करते हैं। अभी 80 फीसदी से ज्यादा डिलीवरी कैश के जरिए हो रही हैं।
विज्ञापन
अब एजेंट्स के पास होती है स्वाइप मशीन
अमेजन इंडिया अपने डिलीवरी एजेंट्स को प्वाइंट ऑफ सेल मशीन भी मुहैया करा रही है, ताकि जिन लोगों ने कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुना है वो अपने डेबिट कार्ड से स्वाइप करा सकें। कंपनी इसके साथ ही डिजिटल ट्रांजेक्शन पर छूट भी दे रही है।