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सऊदी अरब के साथ आयात अनुबंधों की समीक्षा करें तेल कंपनियां
Sat, 03 Apr 2021 01:14 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 03 Apr 2021 01:14 AM IST
सार
- उत्पादन में कटौती पर तनाव के बीच सरकार ने तेल कंपनियों को दिया निर्देश
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : iStock
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विस्तार
कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती पर तनाव के बीच सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से सऊदी अरब के साथ आयात अनुबंधों की समीक्षा करने को कहा है।
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एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि कच्चे तेल के उत्पादकों के गठजोड़ को तोड़ने, कीमतों और अनुबंधों की शर्तों को अनुकूल करने के लिए इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) से कहा गया है कि वे अनुकूल शर्तों के साथ पश्चिम एशिया के बाहर से तेल आपूर्ति का प्रयास करें।
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अधिकारी ने कहा कि परंपरागत रूप से सऊदी अरब और पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के उत्पादक हमारे प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। लेकिन उनकी शर्तें सामान्य तौर पर खरीदारों के खिलाफ होती हैं।
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ओपेक के कीमतें बढ़ाने के लिए उत्पादन घटाने के फैसले के बाद सऊदी अरब और अन्य उत्पादकों के पास आपूर्ति घटाने का विकल्प होता है। इसकी कीमत उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ती है। भारत अपनी कच्चे तेल की 85फीसदी जरूरत आयात से पूरी करता है।
भारत ने की उत्पादन बढ़ाने की वकालत
भारत ने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की वकालत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था के सुधार पर असर पड़ रहा है। इसलिए कच्चे तेल की आपूर्ति बाजार के हिसाब से तय होनी चाहिए। यह कृत्रिम तरीके से प्रबंधित नहीं होनी चाहिए बल्कि बाजार पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत ओपेक और इसके संगठनों से इस साल की शुरुआत से ही कच्चे तेल के उत्पादन पर लगाए नियंत्रण में ढील देने की अपील कर रहा है। हालांकि, पिछले सप्ताह उत्पादन में की गई कटौती काफी कम है।