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भारत-चीन: खराब संबंध के बाद भी इस साल 100 अरब डॉलर को पार कर सकता है दोनों देशों का व्यापार
Wed, 13 Oct 2021 11:13 PM IST
मुकेश कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Wed, 13 Oct 2021 11:13 PM IST
सार
पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण पिछले डेढ़ साल से भारत और चीन के बीच तनाव चल रहे हैं। हाल ही में दोनों देशों के बीच 13वें दौर की वार्ता हुई थी जो करीब आठ घंटे तक चली थी। इन सबके बावजूद खबर है कि इस साल दोनों देशों के बीच का व्यापार इस साल 100 अरब डॉलर के रिकॉर्ड के पार जा सकता है।
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भारत-चीन
- फोटो : pixabay
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विस्तार
खराब संबंध के बाद भी भारत और चीन का व्यापार इस साल 100 अरब डॉलर के रिकॉर्ड के पार जा सकता है। पहले नौ महीने में ही यह 90 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। दरअसल, पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध की वजह से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध इस समय खराब चल रहे हैं। इसके बावजूद यह व्यापार आंकड़ा हासिल होने की उम्मीद है।
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दोनों देशों के बीच हुई थी 13वें दौर की बातचीत
इसी महीने की 10 तारीख (रविवार) को भारत और चीन के बीच 13वें दौर की कोर कमांडर स्तर की सैन्य वार्ता हुई। यह बैठक लगभग साढ़े आठ घंटे चली। जानकारी के अनुसार इस बैठक में जब भारत की ओर से जैसे ही चीन को पीछे हटने के लिए कहा गया तो चीन इसपर भड़क गया और भारत के खिलाफ जहर उगलने लगा। चीन ने कहा कि भारत अनुचित मांग उठा रहा है, जिससे मुश्किलें आ रही हैं। चीन ने कहा कि आपकी इस तरह की मांग से विवाद और बढ़ जाएगा।
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सितंबर के अंत तक 90.37 अरब डॉलर रहा द्विपक्षीय व्यापार
वहीं, बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2021 की पहली तीन तिमाहियों में चीन का कुल आयात और निर्यात क्रमश: 22.7 प्रतिशत बढ़कर 28,330 अरब युआन (4,380 अरब डॉलर) पर पहुंच गया। सीमा शुल्क सामान्य प्रशासन के मुताबिक, यह आंकड़ा 2019 की महामारी से पहले की समान अवधि से 23.4 प्रतिशत अधिक है। भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार सितंबर के अंत तक 90.37 अरब डॉलर रहा। सालाना आधार पर इसमें 49.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। चीन के सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी मासिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान चीन का भारत को निर्यात 51.7 प्रतिशत बढ़कर 68.46 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। वहीं इस दौरान भारत का चीन को निर्यात 42.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 21.91 अरब डॉलर रहा।
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डेढ़ साल में 13 दौर की हो चुकी है बैठक
पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण पिछले डेढ़ साल से तनाव चल रहे हैं। इसके चलते 13वें दौर की बैठक हो चुकी हैं। इस दौरान लाइन ऑफ एक्चुयल कंट्रोल (एलएसी) के फिंगर एरिया, कैलाश हिल रेंज और गोगरा इलाकों में तो डिसइंगेजमेंट हो चुका है, लेकिन हॉट स्प्रिंग, डेमचोक और डेपसांग प्लेन्स में तनाव अभी भी जारी है।पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर
कुछ दिन पहले चीन ने फिर की घुसपैठ की कोशिश
इसी महीने में बीते दिनों दोनों देशों की टुकड़ियों के बीच अरुणाचल के तवांग के यांग्से में झड़प हुई थी और भारतीय सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों को वापस जाने को मजबूर कर दिया।