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रियल्टी बाजार: सस्ते होने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर में नहीं बिक रहे मकान, जानिए वजह
Tue, 23 Mar 2021 04:30 AM IST
Amit Mandal
एजेंसी नई दिल्ली।
एजेंसी नई दिल्ली।
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 23 Mar 2021 04:30 AM IST
सार
- इक्रा का दावा-आम्रपाली, जेपी, सुपरटेक जैसे बिल्डरों के खिलाफ चल रहे कानूनी मामले से घटा ग्राहकों का भरोसा
- 22.2 करोड़ वर्गफुट में बने 1.7 लाख मकानों की नहीं मिल रहे खरीदार
- 66 फीसदी हैं नोएडा में बिना बिके मकान, जो एनसीआर में सर्वाधिक
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Flats in Delhi NCR
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विस्तार
सस्ता होने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में मकान नहीं बिक रहे हैं। रेटिंग एजेंसी इक्रा का कहना है कि आम्रपाली, जेपी, सुपरटेक और लॉजिक्स जैसे बड़े बिल्डरों के खिलाफ अदालत में चल रहे कानूनी मामलों के कारण ग्राहकों का भरोसा नोएडा, दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के रियल्टी बाजार में कम रहा है। आपूर्ति के मुकाबले मांग कम होना भी इन्वेंट्री (बिना बिके मकान) बढ़ने का कारण है।
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इक्रा के मुताबिक, देश में मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के बाद दूसरे सबसे बड़े रियल्टी बाजार एनसीआर में 22.2 करोड़ वर्गफुट में बने 1.7 लाख मकानों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इनमें नोएडा की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। यहां 66 फीसदी तैयार मकान नहीं बिक पा रहे हैं, जबकि गुरुग्राम में यह आंकड़ा 22 फीसदी और फरीदाबाद में 3 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रियल एस्टेट के लिहाज से एनसीआर में बुनियादे ढांचे को बेहतर तरीके से विकसित किया गया है। जमीन सस्ती होने के कारण यहां मकान के दाम किफायती हैं। इसके बावजूद एनसीआर में 2020-21 के शुरुआती नौ महीनों में मकानों की सालाना मांग 15 फीसदी के नीचे पहुंच गई, जिससे तैयार मकानों को बेचने में पांच साल से ज्यादा समय लग सकता है।
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ग्राहक-बिल्डर दोनोें को कर्ज मिलने में मुश्किल
इक्रा की असिस्टेंट उपाध्यक्ष (सेक्टर हेड) माही अग्रवाल का कहना है कि एनसीआर में सस्ते मकानों की मांग ज्यादा देखी जाती है। इसके बावजूद इन्वेंट्री में किफायती सेगमेंट की हिस्सेदारी ज्यादा है। इसका प्रमुख कारण ग्राहकों और बिल्डरों को आसानी से कर्ज नहीं मिलना है। उनका कहना है कि बड़े बिल्डरों के डिफॉल्ट होने और तरलता की कमी से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) आसानी से कर्ज नहीं दे रही हैं। इसके अलावा, अन्य क्षेत्रों के मुकाबले खराब कनेक्टिविटी, कमजोर ढांचे और बाहरी लोकेशन भी मकानों की इन्वेंट्री बढ़ा रहे हैं।
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गुरुग्राम में हालात बेहतर, फरीदाबाद में जल्द सुधार
रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुग्राम तेजी से बढ़ता हुआ रियल्टी बाजार है। प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं, बेहतर लोकेशन और विकसित बुनियादी ढांचे की वजह से यहां के हालात एनसीआर के अन्य बाजारों के मुकाबले बेहतर हैं। इसके अलावा, छोटा बाजार होने के बावजूद फरीदाबाद में किफायती मकानों की मांग में सुधार हो रहा है और इसके जल्द कोरोना के पूर्व स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। इसका कारण दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी होने और आसपास के इलाकों में रोजगार के मौके भी हैं।
ग्राहकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद
इक्रा के मुताबिक, बड़े डेवलपर्स के डिफॉल्ट की वजह से एनसीआर में छोटे और स्थानीय बिल्डर सामने आ रहे हैं। हालांकि, इनकी संख्या बहुत कम है। ये बिल्डर न सिर्फ आवासीय परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं बल्कि बेहतर गुणवत्ता का भी ध्यान रख रहे हैं। इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद दिख रही है। हालांकि, कुल मिलाकर निकट भविष्य में क्षेत्र के रियल्टी बाजार के प्रदर्शन में नरमी जारी रहेगी।