कर्नाटक चुनाव में सरकार ने नहीं दिया था कीमतों पर लगाम लगाने का आदेशः IOC चेयरमैन
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय 19 दिनों तक पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी नहीं करने के लिए सरकारी तेल विपणन कंपनियों को कहीं से कोई निर्देश नहीं मिला था।
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) का कहना है कि उन दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमत का स्तर कुछ ऐसा था कि घरेलू बाजार में इनके दाम में बढ़ोतरी की जरूरत नहीं पड़ी। यह महज संयोग है कि उस समय कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार हो रहा था।
इंडियन ऑयल के अध्यक्ष संजीव सिंह ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बीते 24 अप्रैल से 13 मई -19 दिन- तक बदलाव नहीं करना इनके कीमतों को स्थिर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम था। यह महज संयोग है कि उसी समय कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी।
उन्होंने कहा कि कीमतें स्थिर करने से पहले पेट्रोल-डीजल के दाम में रोज 25-35 पैसों का घट-बढ़ चल रहा रहा था। इसके बाद कीमतें स्थिर की गईं। लेकिन बाद में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में स्थिति कुछ इस तरह से बदली कि 14 मई के बाद हर रोज कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।
यह पूछे जाने पर कि इसके लिए सरकार की तरफ से कोई निर्देश मिला था, संजीव सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रण मुक्त हैं। इसके दाम तय करने के लिए सरकार की तरफ से कोई निर्देश नहीं मिलता है। घरेलू बाजार में इन ईंधनों की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले 15 दिनों की कीमतों के आधार पर तय होती है। इसके लिए एक तय फार्मूला है और उसी के हिसाब से काम होता है।
2017-18 में 21346 करोड़ रुपये का शुद्घ लाभ
इस दौरान संजीव सिंह ने बताया कि आईओसी ने वर्ष 2017-18 के दौरान 21346 करोड़ रुपये का शुद्घ मुनाफा अर्जित किया। इससे एक साल पहले कंपनी का शुद्घ मुनाफा 19106 करोड़ रुपये रहा था। अलोच्य अवधि में कंपनी का कुल राजस्व पांच लाख करोड़ रुपये से भी ऊपर चला गया। कंपनी ने बीते साल कुल 506428 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जबकि इससे एक साल पहले 445442 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था।
चौथी तिमाही में घटा मुनाफा
वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में आईओसी का मुनाफा 33.8 फीसदी घटकर 5218 करोड़ रुपए हो गया है। इसी वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 7883 करोड़ रुपए रहा था। वर्ष की चौथी तिमाही में आईओसी की आय 6.1 फीसदी बढ़कर 117368 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। इसी वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी की आय 110667 करोड़ रुपए रही थी।
14 मई से लगातार बढ़ रही हैं कीमतें
तेल कंपनियां लगातार नौ दिन से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि कर रही हैं। देश भर में पेट्रोल 84 रुपये के करीब पहुंच गया है। वहीं डीजल के दाम भी 72 रुपये के पार चले गये हैं। शाम पांच बजे के बाद सरकार इसका ऐलान कर सकती है।
कच्चे तेल के दामों में लगी है आग
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में आग लगी हुई है। क्रूड ऑयल के दाम 83 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गए हैं। वहीं देश में सरकार टैक्स और वैट के तौर पर जितनी कमाई कर रही है, उससे भी देश भर में पड़ोसी देशों की तुलना में इनकी कीमत सबसे ज्यादा है।
पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें सीधे तौर पर कच्चे तेल से जुड़ी हुई हैं। ओपेक देशों ने सप्लाई काफी कम कर दी है। अगर केंद्र व राज्य सरकारें ड्यूटी व वैट में कमी कर दें, तो फिर आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।
दिल्ली में 76 के पार हुआ पेट्रोल
दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की क़ीमत 76.87 हो गई है जबकि डीजल 68.08 हो गया है। पेट्रोल में 30 पैसे जबकि डीजल की क़ीमतों में 26 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। कहा जा रहा है कि अब चुनावी मौसम है और इस साल के अंत में देश में तीन महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने और इन राज्यों में बीजेपी की सरकार है। केंद्र सरकार ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसलिए दाम कम रखने के लिए सरकार को मजबूर होना पड़ रहा है ताकि वह चुनाव में लोगों की नाराजगी का सामना न करे।