प्राइवेट कंपनियों के एजेंडे में आई गो सेवा, गायों के लिए लगाए जा रहे हैं मेडिकल कैंप
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देशभर में गाय पर मचे बवाल के बाद प्राइवेट कंपनियों के एजेंडे में भी गोसेवा आ गई है। देश भर की कई प्रमुख कंपनियों ने गौसेवा को अपने सीएसआर में शामिल कर लिया है। कंपनियां जहां एक तरफ गोशाला का रखरखाव भी कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके स्वास्थ्य के लिए मेडिकल कैंप भी आयोजन कर रही हैं। इसके लिए कंपनियां अपनी सीएसआर फंड का 50 फीसदी तक पैसा खर्च कर रही हैं।
इन कंपनियों के एजेंडे में है गो सेवा
जिन कंपनियों ने गौसेवा के लिए अलग से फंडिंग की व्यवस्था की है उनमें अहमदाबाद की डेल्विस फॉर्मा, टाटा पॉवर, फुलरटोन इंडिया क्रेडिट कंपनी और अलेंबिक फॉर्मा शामिल हैं। इसमें डेल्विस अपने सीएसआर बजट का 25 फीसदी फंड गौसेवा में दे रही हैं।
गोहत्या से बचाना है लक्ष्य
इकोनॉमिक टाइम्स से बात करते हुए डेल्विस फॉर्मा के एमडी विनीत अग्रवाल ने बताया कि उनका लक्ष्य गाय को गो हत्या और कसाईयों से बचाने का है। हालांकि अभी इसकी शुरुआत केवल गुजरात में मौजूद कंपनियों ने की है, लेकिन अब धीरे-धीरे देश के अन्य राज्यों में मौजूद कंपनियां भी इसको अपने एजेंडे में लेकर आ रही है।
कंपनियां लगा रही हैं मेडिकल कैंप
अलेंबिक फॉर्मा 2015 से गुजरात में मौजूद अपने प्लांट के पास में 15 गांवों में गाय के लिए मेडिकल कैंप भी लगा रही है। इसके साथ ही अन्य कंपनियां जैसे की टाटा पॉवर और फुलरटोन भी अपने मेडिकल कैंप में गाय और भैंस की देखरेख के बारे में गांव वालों को डॉक्टर टिप्स देते हैं। इसके साथ ही उनके टीके और बीमारियों का इलाज भी किया जाता है।