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फ्यूचर रिटेल ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा, अमेजन को कंपनी के मामलों में बोलने का अधिकार नहीं
Thu, 12 Nov 2020 10:05 PM IST
गौरव पाण्डेय
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 12 Nov 2020 10:05 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
किशोर बयानी की फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि अमेजन उसकी शेयरहोल्डर नहीं है और इसे कंपनी के मामलों में बोलने का भी कोई अधिकार नहीं है। एफआरएल ने कहा कि सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र की ओर से जारी अंतरिम आदेश का कोई मूल्य नहीं है।
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अमेरिकी कंपनी अमेजन द्वारा कथित अनुबंध उल्लंघन को लेकर एफआरएल को एक आपात मध्यस्थता में ले जाने के बाद फ्यूचर समूह और अमेजन के बीच विवाद चल रहा है। बता दें कि अमेजन ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा था कि सिंगापुर मध्यस्थता न्यायाधिकरण का एफआरएल के खिलाफ निर्णय एक वैध आदेश है।
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फ्यूचर समूह और अमेजन के बीच रिलायंस सौदे को लेकर विवाद चल रहा है। उल्लेखनीय है कि सिंगापुर इंटरनेशनल मध्यस्थता केंद्र (एसआईएएसी) ने 25 अक्तूबर को अमेजन के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी करते हुए एफआरएल को अपनी संपत्ति बेचने या कोष प्राप्त करने को लेकर कोई भी प्रतिभूति जारी पर रोक लगा दी थी।
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एफआरएल के अनुसार उसके बाद ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), शेयर बाजारों और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को पत्र लिखकर फ्यूचर रिटेल-रिलायंस इंडस्ट्रीज के सौदे को लेकर कोई भी फैसला करने से पहले सिंगापुर मध्यस्थता केंद्र के निर्णय को ध्यान में रखने को कहा था।