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वालमार्ट डील : सचिन और बिन्नी बंसल की मुश्किलें बढ़ी, आयकर विभाग ने भेजा नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Nov 2018 09:16 AM IST
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सचिन और बिन्नी बसंल
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आयकर विभाग ने ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट के संस्थापकों सचिन और बिन्नी बसंल को नोटिस जारी किया है। दोनों से अपनी कंपनी को वालमार्ट इंटरनेशनल को बेचने से हुई कुल आय को घोषित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उनसे कैपिटल गेन टैक्स के भुगतान की जानकारी भी देने को कहा गया है। नोटिस भारत की सबसे बड़ी ई-रिटेल कंपनी के प्रमोटर्स के साथ ही कंपनी के 35 दूसरे शेयरधारकों को भेजे गए हैं।
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बिन्नी और सचिल बंसल के फ्लिपकार्ट में 5 प्रतिशत से ज्यादा शेयर हैं। 9 मई को फ्लिपकार्ट सिंगापुर और वालमार्ट इंटरनेशनल होल्डिंग्स के बीच साइन हुए शेयर-परचेस एग्रीमेंट के अनुसार वालमार्ट ने फ्लिपकार्ट के 77 प्रतिशत शेयर 16 बिलियन डॉलर में खरीदे हैं। इससे पहले वालमार्ट को भेजे गए नोटिस में आयकर विभाग ने उससे फ्लिपकार्ट के 46 शेयरधारकों के बारे में और उन्हें इस डील से हुए फायदे के बारे में जानकारी मांगी थी।
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सूत्रों के अनुसार बसंलों से कहा गया है कि वह विस्तार से बताएं कि उन्हें अपनी कंपनी को वालमार्ट को बेचने से कितनी राशि मिली है, कैपिटल गेन टैक्स लाइबिलिटी और किस तरह से टैक्स भुगतान का निर्धारण किया गया। आयकर विभाग के नोटिस पर बिन्नी ने कहा, 'शेयर की बिक्री और एडवांस टैक्स की पेमेंट को लेकर पूछताछ की गई है। यह कुछ महीने पहले हुआ और मैं इसका जवाब दे चुका हूं।'
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हालाकि सूत्रों का कहना है कि 18 अक्तूबर को विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस का बसंलों ने जवाब नहीं दिया है। आईटी के नोटिस के बाद वालमार्ट ने विभाग में 7,439 करोड़ रुपये जमा किए हैं। फ्लिपकार्ट सिंगापुर में पंजीकृत कंपनी है। वालमार्ट को शेयर बेचने से पहले ईबे और सोफ्टबैंक इसके शेयरधारक थे।