फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Economist Arvind Panagariya said interest will have to be reduced further for seven percent growth rate

7 फीसदी विकास दर के लिए और घटाना होगा ब्याज : पनगढ़िया

Wed, 23 Sep 2020 01:21 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 23 Sep 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
Economist Arvind Panagariya said interest will have to be reduced further for seven percent growth rate
अरविंद पनगढ़िया - फोटो : ANI

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष व अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने 7 फीसदी विकास दर हासिल करने के लिए ब्याज दरें और घटाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रोत्साहन, बैंकों को और पूंजी व कुछ बैंकों के निजीकरण से भी अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन


आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के कार्यक्रम में पनगढ़िया ने कहा, कोविड-19 महामारी के कारण अप्रैल-जून में लॉकडाउन से जीडीपी को 125 अरब डॉलर (9 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन



विकास दर को दोबारा कोविड पूर्व स्तर के 7 फीसदी तक लाने के लिए ब्याज दरों घटाना सबसे जरूरी है। साथ ही वित्तीय प्रोत्साहन और बैंकों का तेजी से पुनर्पूंजीकरण करने की भी जरूरत होगी। रिजर्व बैंक को रेपो रेट में कटौती के लिए महंगाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। भारतीय अर्थव्यवस्था 6-7 फीसदी महंगाई दर को सहन कर लेगी। लिहाजा ब्याज दरें घटाने पर जोर देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि विकास दर पहले ही दबाव में है, जिसमें 2018 के बाद से सुस्ती आई है। सरकार ने महामारी से निपटने के लिए मई में 21 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का एलान किया था।

पूंजी न मिली तो बढ़ेगा एनपीए
अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पनगढ़िया ने कहा कि बैंकों में तत्काल पुनर्पूंजीकरण की जरूरत है, नहीं तो एनपीए दोबारा बढ़ जाएगा। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को 7-7.5 फीसदी की विकास दर हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।

लिहाजा हमें पूर्व में की गई गलतियों को दोहराने से बचना होगा। सरकार अगर बैंकों को पूंजी नहीं मुहैया करा सकती है, तो कुछ संकटग्रस्त बैंकों का निजीकरण करना ही बेहतर होगा। धन जुटाने के लिए सड़कों और रेलवे का निजीकरण बेहतर कदम है।


व्यापार के लिए चीन भरोसेमंद साथी नहीं
चीन के साथ तनाव के बीच व्यापारिक संबंध जारी रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत को अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ व्यापार जारी रखना चाहिए।

हालांकि, चीन इस मामले में भरोसेमंद साथी नहीं है और भारत को अमेरिका, यूरोप के साथ भी मुक्त व्यापार समझौता पर बढ़ना चाहिए। कृषि क्षेत्र ने भले ही महामारी के बीच पहली तिमाही 3.4 फीसदी विकास दर हासिल की, लेकिन यह 4 फीसदी से आगे नहीं जा सकता है। लिहाजा सेवा और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ाने पर ही जोर देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed