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बाहर खाने पर कम कटेगी जेब, सरकार ने किया ये बड़ा बदलाव

Sun, 05 Mar 2017 06:29 PM IST
amarujala.com- Submitted By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Submitted By: अनंत पालीवाल Updated Sun, 05 Mar 2017 06:29 PM IST
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eating in mall and hotel restaurant will not burn a hole into your pocket

आपको बढ़ती महंगाई के बीच जल्द ही एक अच्छी खबर मिलने वाली है, अगर आप बाहर खाने-पीने के ज्यादा शौकिन हैं। 1 जुलाई से देश में वस्तु व सेवाकर (जीएसटी) लागू हो जाएगा।

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जीएसटी के लागू होने के बाद छोटे स्तर पर काम कर रहे ढाबों और रेस्तरां में लगने वाले सर्विस टैक्स में कमी आ जाएगी, जिससे आपका खाने का बिल काफी सस्ता हो जाएगा।
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सर्विस टैक्स में होगी 10 फीसदी की कमी, वैट हो जाएगा खत्म

जीएसटी काउंसिल ने जो मसौदा पास किया है, उसके अनुसार 50 लाख तक का सालाना टर्नओवर करने वाले छोटे होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए जीएसटी दर 5 फीसदी रखने का प्रस्ताव किया गया है। इससे अभी बिल में लगने वाले 15 सर्विस टैक्स में 10 फीसदी की कमी हो जाएगी।
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इसके साथ ही वैट भी खत्म हो जाएगा। बिल में टोटल अमाउंट पर सर्विस चार्ज भी लगता है, जो कि कुल राशि का 40 फीसदी लगता है। यह सभी समाप्त हो जाएंगे, जिससे बिल काफी सस्ता हो जाएगा।

जीएसटी पर मिल गई काउंसिल की मंजूरी

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जीएसटी

देश भर में आगामी पहली जुलाई से अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में एक समान कर की व्यवस्था वस्तु व सेवा कर ‘जीएसटी’ पर केंद्र और राज्य एक महत्वपूर्ण मसले पर सहमत हो गए हैं।  केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शनिवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में सेंट्रल जीएसटी और इंटिग्रेटेड जीएसटी के विधेयकों के मसौदे को मंजूरी दे दी गई।

इस सहमति के बाद आगामी एक जुलाई से जीएसटी प्रणाली लागू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अरुण जेटली ने कहा कि बैठक में दोनों ही मसौदों पर सहमति मिल गई है। 

16 मार्च को होगी अगली बैठक

परिषद की अगली बैठक 16 मार्च को होगी, जिसमें स्टेट जीएसटी और यूटी जीएसटी पर मुहर लगने की उम्मीद है। इन सब के बाद संसद में सीजीएसटी, आईजीएसटी, यूटीजीएसटी और मुआवजे से जुड़ा विधेयक पेश किया जाएगा जबकि एसजीएसटी को राज्य सरकारें और दो केंद्र शासित प्रदेश- दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं से पारित कराया जाएगा। जेटली के अनुसार जीएसटी लागू करने के लिए एक जुलाई की समय सीमा संभव दिखती है। बताया जाता है कि जीएसटी में शिखर दर अपेक्षाकृत ऊंची 40 फीसदी रखी जाएगी पर लागू की जाने वाली दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी ही रहेगी।

एक बाजार में तब्दील हो जाएगा जीएसटी

जीएसटी के जरिये पूरे देश को एक बाजार में तब्दील करने की कोशिश है। हालांकि अभी तक इसे लागू करने की कई तारीखें तय हुई, लेकिन किसी ना किसी वजह से इस पर गतिरोध टूट नहीं पाया।

अब केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ सहमति बनाकर पहली जुलाई से लागू कराने की योजना बनाई है। नई कर व्यवस्था के तहत पूरे देश में हर सामान पर एक समान कर होगा जबकि सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार राज्यों को भी होगा। हालांकि, कर की दर क्या होगी, इस पर अंतिम फैसला जीएसटी परिषद को लेना है।

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