{"_id":"5916c2dc4f1c1b231f8546a6","slug":"doctors-lawyers-will-have-to-report-a-slew-of-high-value-transactions-to-income-tax-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकील, डॉक्टर पर इनकम टैक्स की निगाहें टेढ़ी, देनी होगी बड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
वकील, डॉक्टर पर इनकम टैक्स की निगाहें टेढ़ी, देनी होगी बड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
Updated Sat, 13 May 2017 02:54 PM IST
विज्ञापन
income tax department
व्यवसायिक प्रतिष्ठान, विभिन्न वित्तीय संस्थानों और पेशेवरों जिसमें चिकित्सक, वकील और आर्किटेक्ट्स शामिल हैं, को नकद जमा, क्रेडिट कार्ड भुगतान, शेयर बिक्री, संपत्ति सौदों, डिबेंचर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स जैसे अधिक मूल्य वाले लेनदेन की रिपोर्ट 31 मई तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी होगी।
विज्ञापन
जबकि वेतनभोगी व्यक्तियों को स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) का विवरण दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है।
जिन संस्थाओं को रिपोर्ट करना होगा उनमें बैंक, पेशेवर, फंड हाउस, विदेशी मुद्रा व्यापारी, डाकघर, निधियां, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, संपत्ति रजिस्ट्रार, बॉन्ड्स और डिबेंचर जारी करने वाली कंपनियां, और सूचीबद्ध कंपनियां विशिष्ट व्यक्तियों के शेयरों वापस खरीदने वाली सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं।
विज्ञापन
कई लोग इस नए नियम से अवगत नहीं हैं। संशोधित नियमों के अनुसार एनुअल इंफॉर्मेशन रिटर्न (एआईआर) दाखिल करने के नियम को अब एसएफटी द्वारा बदल दिया गया है। कल शुक्रवार को कर व्यवसायियों को संबोधित करते हुए इनकम टैक्स के निदेशक जय राजा कजला ने बताया कि इस बदलाव से स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पहली बार फाइल करने वालों का भी नया वर्ग बनेगा।
विज्ञापन
उदाहरण के लिए, किसी संस्था को रिपोर्ट करते समय एक वित्तीय वर्ष के दौरान किसी व्यक्तिसे जुड़े सभी खातों को ध्यान में रखना होगा, जबकि एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर ट्रांजेक्शन होने पर सभी लोगों के लेनदेन के पूरे मूल्य का ब्योरा देना होगा। गलत जानकारी दर्ज करने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।