मुश्किलें झेलने को तैयार रहें विकासशील अर्थव्यवस्थाएं : विश्व बैंक
- विश्व बैंक ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था करार दिया है।
- विश्व बैँक ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी 7.3 फीसदी की रफ्तार से वृद्धि करेगी।
- विश्व बैंक ने भारत जैसी उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को सचेत करते हुए कहा है कि वे भविष्य में कुछ मुश्किलें झेलने को तैयार रहें।
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विश्व बैंक ने भारत जैसी उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को सचेत करते हुए कहा है कि वे भविष्य में कुछ मुश्किलें झेलने को तैयार रहें। विश्व बैंक की सीईओ क्रिस्टलीना जॉर्जिएवा ने बुधवार को कहा कि इन देशों की सरकारों को अपना कर्ज प्रबंधन मजबूत बनाने के साथ सुधारों को तेजी से लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विश्व बैंक की शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि 3 फीसदी से 2.9 फीसदी पहुंच रही है, जो ठीक-ठाक है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विनिर्माण के क्षेत्र में कुछ मुश्किलें आने के संकेत हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर रिपोर्ट जारी करने के दौरान क्रिस्टलीना ने कहा कि वातावरण ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है तो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए आपात स्थिति हो जाएगी और उन्हें अपने राजकोष व मुद्रा भंडार का बफर तैयार करने पर ध्यान देना होगा। ऐसे देशों को कर्ज का इस्तेमाल उत्पादन के उद्देश्यों के लिए करना होगा और उन्हें अपने कर्जदाताओं के साथ ज्यादा पारदर्शिता अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि दो सबसे बड़ी समस्याएं हैं जिनका असर बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर पूरे साल दिखाई दे सकता है। एक तो व्यापार के स्तर पर और दूसरा आर्थिक मजबूती। इस दौरान बैंकों को आर्थिक वृद्धि बनाए रखने के साथ गरीबी दूर करने पर ध्यान देना होगा।
भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था
विश्व बैंक ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था करार दिया है। विश्व बैँक ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी 7.3 फीसदी की रफ्तार से वृद्धि करेगी। वहीं, आने वाले दो वर्षों में जीडीपी की यह रफ्तार 7.5 फीसदी हो जाएगी। विश्व बैंक ने रिपोर्ट में जीएसटी और नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि इन सुधारवादी कदमों का असर अब खत्म हो चुका है और भारतीय अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है। चीन की अर्थव्यवस्था 2018-19 और 20 में 6.2 फीसदी जबकि 21 में 6 फीसदी ही रहने का अनुमान है। विश्व बैंक प्रॉस्पेक्टस ग्रुप के निदेशक अयान कोस ने कहा कि भारत में निवेश बढ़ने, खपत में इजाफा होने, जीएसटी और बैंकों के पुनर्पूंजीकरण से जीडीपी वृद्धि तेज रहेगी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर छाई धुंध
विश्व बैंक ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त पड़ रही है और कई तरह के जोखिम उभर रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में उस पर धुंध छाई हुई है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर भी गिरने का अनुमान है और यह दो फीसदी पहुंच सकता है। इसी तरह बाहरी मांग घटने और कर्ज की लागत बढ़ने से उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की औसत रफ्तार 4.2 फीसदी रह सकती है।
भारत तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनेगा
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत वर्ष 2030 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होगा। उससे आगे सिर्फ चीन और अमेरिका होंगे। इस दौरान भारत का उपभोक्ता खर्च मौजूदा 1.5 लाख करोड़ से बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। डब्ल्यूईएफ के उपभोक्ता इंडस्ट्री की प्रमुख और कार्यकारी समिति की सदस्य जारा इंग्लीजियान का कहना है कि भारत की निजी घरेलू खपत जीडीपी का 60 फीसदी है, जो दुनिया का सबसे तेज उभरता बाजार है। इस दौरान 2.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ जाएंगे और हजारों गांव व शहर विकसित हो जाएंगे।