Litecoin Price India INR: लाइटक्वाइन की कीमत में आज आई गिरावट, कम होकर यहां पहुंचा इस क्रिप्टोकरेंसी का भाव
Litecoin Price in India Today In INR: शुक्रवार को भी लाइटक्वाइन (LTC) की कीमत में गिरावट दर्ज की गई और इसका दाम 0.59 फीसदी कम हो गया। इस तरह से लाइटक्वाइन की कीमत में 53.50 रुपये की कमी आई है। इस गिरावट के साथ इसका भाव टूटकर 8,953 रुपये पर आ गया।
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दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी में जमकर निवेश हो रहा है। 2021 की शुरुआत में लाइटक्वाइन 184.92 डॉलर (9,306.75 रुपये) पर था। इसके बाद इस डिजिटल करेंसी की कीमत में काफी इजाफा हुआ है। हालांकि, कुछ दिनों से इसके भाव में कमी आई है। शुक्रवार को भी लाइटक्वाइन (LTC) की कीमत में गिरावट दर्ज की गई और इसका दाम 0.59 फीसदी कम हो गया। इस तरह से लाइटक्वाइन की कीमत में 53.50 रुपये की कमी आई है। इस गिरावट के साथ इसका भाव टूटकर 8,953 रुपये पर आ गया। इस कीमत पर इस डिजिटल करेंसी का बाजार पूंजीकरण भी कम होकर 602.3 अरब रुपये पर आ गया है।
लाइटक्वाइन में तेज बढ़त की उम्मीद
आपको बता दें कि भले ही इस डिजिटल करेंसी की कीमत में अभी गिरावट देखने को मिल रही है लेकिन Coin Price Forecast के मुताबिक, 2022 की पहली छमाही में यह 419 डॉलर पर पहुंच सकता है। वहीं 2022 के अंत तक यह 40,275 रुपये पर पहुंच सकता है, जो मौजूदा कीमत से काफी ऊपर है। वहीं Trading Beasts के अनुसार, 2024 के अंत में यह 289 डॉलर (21,675 रुपये) का होगा। यह अधिकतम 361 डॉलर यानी 27,075 रुपये पर जा सकता है और इसकी न्यूनतम कीमत 246 डॉलर हो सकती है।
क्या है लाइटक्वाइन (LTC)?
दुनिया में कई क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं। इनकी अनेक विशेषताएं और अनूठी पहचान है। साल 2010 के अंत में, पूर्व-गूगलर Charlie Lee ने कुछ अलग सोचा। चार्ली ली को बिटक्वाइन के बारे में तो पता था, जिसे अक्सर डिजिटल गोल्ड कहा जाता है, लेकिन वे निवेशकों के लिए कुछ खास चाहते थे। वास्तव में, लाइटक्वाइन (लाइट + क्वाइन) को अपना विशिष्ट नाम बिटक्वाइन से ही मिला है। एक तरह से यह बिटक्वाइन का ही इम्प्रोवाइज्ड वर्जन है। प्रोटोकॉल ने क्रिप्टोकरेंसी की संपूर्ण स्थिरता के लिए इसे दीर्घायु और अधिक विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए और अच्छा किया है।
दुनिया में शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी में शामिल
लाइटक्वाइन का प्रमुख ध्यान क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति के अनुसार बढ़ती उपभोक्ता मांगों को पूरा करने के लिए ब्लॉकचेन की शक्ति को अनलॉक करके विशेष रूप से वैश्विक भुगतान बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। लाइटक्वाइन गति, लागत और विश्वस्नीयता में तेजी लाने में सफल रहा है। परिणाम स्वरूप, लाइटक्वाइन को सात अक्तूबर 2011 के शुभ दिन पर GitHub पर एक ओपन-सोर्स क्लाइंट द्वारा जारी किया गया था, जिसके बाद नेटवर्क 13 अक्तूबर को लाइव हो गया था। यह दुनिया में शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी में से एक है। लाइटक्वाइन को आज क्रिप्टो बाजार में बेशकीमती डिजिटल संपत्ति के रूप में LTC के प्रतीक के साथ दर्शाया जाता है।