Famous Cryptocurrency Bitcoin: बिटक्वाइन कैसे बना क्रिप्टोकरेंसी की पहचान, क्यों हुआ इतना ज्यादा महंगा?
साल 2009 में जब बिटक्वाइन अस्तित्व में आया था, तब इसकी कीमत शून्य डॉलर थी, लेकिन इसकी कीमतों में अचानक काफी तेजी से उछाल आया। आंकड़ों पर गौर करें तो 2010 में एक बिटक्वाइन के दाम 0.08 डॉलर थे, जो अप्रैल 2011 के दौरान एक डॉलर तक पहुंच गया।
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अगर कोई आपसे यह कहे कि साल 2010 में अगर आपने महज 3.6 रुपये का निवेश किया होता तो 11 साल बाद यानी कि आज की तारीख में आप 46.50 लाख रुपये के मालिक होते। पिछले 11 साल के दौरान बिटक्वाइन के दाम में आई तेजी इस बात को पूरी तरह साबित करती है। अमर उजाला की खास सीरीज 'कहानी क्रिप्टो की' की दूसरी कड़ी में आज हम आपको बता रहे हैं कि बिटक्वाइन कैसे क्रिप्टोकरेंसी की पहचान बना और पिछले 11 साल के दौरान बिटक्वाइन में आए इस उछाल से रूबरू करा रहे हैं।
क्या है बिटक्वाइन?
क्रिप्टो की कहानी में आगे बढ़ने और बिटक्वाइन की वर्तमान कीमतों से रूबरू होने से पहले वर्चुअल दुनिया की करेंसी से जान-पहचान कर लेते हैं। दरअसल, बिटक्वाइन का चलन 2009 में शुरू हुआ था। उस वक्त इसकी कीमत शून्य डॉलर थी, जो 2010 की शुरुआत में 0.08 डॉलर हो गई और आज इसके दाम 62 हजार डॉलर से ज्यादा हैं। बिटक्वाइन वर्चुअल करेंसी है। दुनिया के कई देशों में आज भी इसका इस्तेमाल गैरकानूनी है, लेकिन अन्य मुद्राओं डॉलर, रुपये या पाउंड की तरह लेन-देन में बिटक्वाइन का इस्तेमाल होने लगा है। दुनियाभर के कई बड़े बिजनेसमैन और कई बड़ी कंपनियां वित्तीय लेन-देन बिटक्वाइन में कर रही हैं।
कैसे काम करता है बिटक्वाइन?
आप बिटक्वाइन को अपने कंप्यूटर या मोबाइल फोन पर बिटक्वाइन वॉलेट में रख सकते हैं। इससे आपका पहला बिटक्वाइन एड्रेस बनेगा। जरूरत पड़ने पर आप एक से ज्यादा एड्रेस भी बना सकते हैं। यहां से आप मान्य जगहों पर बिटक्वाइन से पेमेंट भी कर सकते हैं। अब एंड्रॉयड प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर ऐसे तमाम एप्लिकेशन हैं, जहां आप आसानी से कई तरह की क्रिप्टोकरेंसी खरीद और बेच सकते हैं।
11 साल में 62 हजार गुना बढ़ी कीमत
साल 2009 में जब बिटक्वाइन अस्तित्व में आया था, तब इसकी कीमत शून्य डॉलर थी, लेकिन इसकी कीमतों में अचानक काफी तेजी से उछाल आया। आंकड़ों पर गौर करें तो 2010 में एक बिटक्वाइन के दाम 0.08 डॉलर थे, जो अप्रैल 2011 के दौरान एक डॉलर तक पहुंच गया। महज तीन महीने यानी जून 2011 तक इसमें 3600 फीसदी का इजाफा हुआ और एक बिटक्वाइन की कीमत 32 डॉलर हो गई। हालांकि, नवंबर 2011 के दौरान बिटक्वाइन दोबारा 2 डॉलर पर आ गया।
2017 में लगाई सबसे लंबी छलांग
गौरतलब है कि बिटक्वाइन इस वक्त दुनिया की सबसे महंगी करेंसी है। हालांकि, इसका सफर इतना आसान भी नहीं रहा। नवंबर 2011 के दौरान 2 डॉलर पर दोबारा पहुंचने के बाद बिटक्वाइन ने 2013 में रफ्तार पकड़ी। उस दौरान इस क्रिप्टोकरेंसी ने 13.40 डॉलर से अपना सफर शुरू किया और अप्रैल 2013 तक 220 डॉलर का स्तर छू लिया। दिसंबर 2013 में बिटक्वाइन की कीमत 1156.10 डॉलर पहुंच चुकी थी। इसके बाद बिटक्वाइन में एक बार फिर गिरावट आई और यह 2015 की शुरुआत में 315 डॉलर पर आ गया। साल 2017 की शुरुआत में बिटक्वाइन 1000 डॉलर के आसपास था, लेकिन दिसंबर तक इसकी कीमत 20 हजार डॉलर से ज्यादा हो चुकी थी।
2021 में बना दुनिया की सबसे महंगी करेंसी
2017 में ऊंची छलांग लगाने के बाद 2019 में बिटक्वाइन एक बार 7,200 डॉलर तक पहुंच गया, लेकिन नवंबर 2019 तक इसकी कीमत एक बार फिर 20 हजार डॉलर का आंकड़ा छू चुकी थी। मार्च 2021 वह वक्त रहा, जब बिटक्वाइन ने 60 हजार डॉलर का आंकड़ा पहली बार पार किया। हालांकि, कई देशों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन से इनकार किए जाने के बाद इसकी कीमतों में काफी गिरावट आई और यह 24 हजार डॉलर तक गिर गया। अब नवंबर 2021 के दौरान बिटक्वाइन एक बार फिर 62 हजार डॉलर के पार पहुंच चुका है।
कई देशों में कानूनी मान्यता नहीं
अब सवाल उठता है कि बिटक्वाइन की कीमत इतनी तेजी से बढ़ने की वजह क्या है। दरअसल, बिटक्वाइन इस दुनिया की सबसे महंगी करेंसी है और इसका इस्तेमाल ब्लैकमनी, हवाला, ड्रग्स की खरीद-बिक्री, टैक्स चोरी और आतंकी गतिविधियों में होने की बात कई बार सामने आ चुकी है। ऐसे में इसकी डिमांड काफी बढ़ रही है, लेकिन यही वजह है कि भारत में रिजर्व बैंक या किसी भी अन्य रेग्युलेटर ने इस वर्चुअल करेंसी को कानूनी मान्यता नहीं दी है। दुनिया के कई देशों ने भी अब तक क्रिप्टोकरेंसी को नहीं अपनाया है।
क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार बना रही योजना
बता दें कि भारत सरकार बिटक्वाइन जैसी वर्चुअल करेंसी के ऑनलाइन लेन-देन पर रोक लगाने की स्थिति में नहीं है। इस मामले में केंद्र सरकार लगातार मीटिंग कर रही है और इस पर संसद में भी चर्चा की तैयारी चल रही है। फिलहाल दुनिया में करीब 90 से अधिक वर्चुअल करेंसी चलन में हैं।
नोट: 'कहानी क्रिप्टो की' सीरीज में आज बिटक्वाइन के इतिहास और कीमतों में हुए इजाफे की जानकारी दी गई। अगली कड़ी में हम आपको इथेरियम से रूबरू कराएंगे।