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Cryptocurrency: वित्तमंत्री बोलीं-आरबीआई चाहता है क्रिप्टो पर बैन पर इसके लिए वैश्विक सहयोग जरूरी

Mon, 18 Jul 2022 05:50 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Mon, 18 Jul 2022 05:50 PM IST
सार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टोकरेंसी पर एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा है कि आरबीआई डिजिटल करेंसी पर बैन चाहता है, पर इसे लागू करने के लिए दुनिया के देशों के बीच आपसी सहयोग जरूरी है।

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Cryptocurrency: Finance Minister said – RBI wants to ban on crypto, for this global cooperation is necessary nirmala sitharaman news in hindi
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : एएनआई

विस्तार

देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। वित्तमंत्री ने सोमवार को 18 जुलाई को संसद में बोलते हुए कहा है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी लगाना चाहती है पर इसके लिए उसे दूसरे देशों के सहयोग की भी जरूरत पड़ेगी।

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वित्तमंत्री ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी पर सख्त नियम बनाने और इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने की पैरवी आरबीआई भी करता रहा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि RBI देश की मौद्रिक और फिस्कल स्टैबिलिटी के लिए क्रिप्टोकरेंसी को खतरा बता चुका है। आरबीआई की ओर से इस सेक्टर के लिए कानून बनाने की सिफारिश की गई है। देश के केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। 
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संसद में एक लिखित सवाल के जवाब में वित्तमंत्री ने यह भी कहा है कि डिजिटल मुद्रा के वैश्विक स्वरूप को देखते हुए इसके परिचालन में नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए अलग-अलग देशों के बीच सहयोग जरूरी है। इसे नियंत्रित करने के लिए बनाया गया कोई भी कानून तभी असरकारी हो सकता है जब इसे लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परस्पर सहयोग की भावना हो। 
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आपको बता दें कि सरकार की ओर से कई बार इस बात के संकेत दिए गए हैं कि वह एनएफटी, डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टोकरेंसीज को नियंत्रित करने के लिए व्यापक नियम और कानून बनाना चाहती है। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस पर मंथन किया जा रहा है। सरकार मॉनसून सत्र के दौरान क्रिप्टोकरेंसी को नियंत्रित करने के लिए एक बिल पेश कर सकती है। हालांकि फिलहाल संसद में पेश होने वाले प्रस्तावित विधेयकों की सूची में इस बिल का जिक्र नहीं किया गया है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संसद में पेश होने से पहले क्रिप्टोकरेंसी पर कंसल्टेशन पेपर लाया जाएगा। इसमें डिजिटल करेंसी को लेकर सरकार के रुख का संकेत मिलेगा। इस पेपर को मई महीने में ही तैयार कर लिया गया गया था। उम्मीद है कि सरकार इसे जल्द ही सार्वजनिक कर देगी। 

आपको बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी पर सख्त रुख अपनाते हुए आरबीआई अपनी डिजिटल करेंसी लांच करने पर भी काम कर रहा है। उम्मीद है इसी साल इसकी भी घोषणा कर दी जाएगी। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने कहा है कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी लाकर निजी क्रिप्टोकरेंसी की जरूरत को खत्म कर सकती है।  

कुछ राज्यों ने जीएसटी मुआवजे की समयसीमा पांच वर्षों तक बढ़ाने की मांग की: वित्तमंत्री 

वहीं दूसरी ओर, वित्तमंत्री ने सोमवार को संसद सत्र के दौरान लोकसभा में सूचना देते हुए कहा है कि तेलंगाना समेत कई राज्यों ने जीएसटी कानून के तहत राज्यों को मिलने वाले मुआवजे को और पांच सालों तक जारी रखने की मांग की है।

आपको बता दें कि जीएसटी एक्ट 2016 के अनुच्छेद 18 के तहत जीएसटी कानून लागू होने पर राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान से बचाने के लिए पांच वर्षों तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया था। फिलहाल उसकी समयावधि समाप्त हो चुकी है, पर कुछ राज्य उसे आगे भी जारी रखने की मांग कर रहे हैं। 

वित्तमंत्री ने रुपये में गिरावट का भी कारण बताया 

संसद में सोमवार को एक लिखित का जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट का भी कारण बताया। वित्त मंत्री ने कहा है कि रुपये में जारी गिरावट का प्रमुख कारण रूस और यूक्रेन बीच जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी है। 


सोमवार को रुपया लुढ़ककर 79.97 प्रति डॉलर पर पहुंचा 

आपको बता दें कि सोमवार को भारतीय रुपये ने छह पैसे की मजबूती के साथ 79.76 के स्तर पर कारोबार करना शुरू किया था। पर, उसके बाद यह फिर कमजोर होने लगा और बाजार बंद होते समय यह अपने अब तक के रिकॉर्ड निचले स्तर 79.97 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी दिन रुपया 79.82 के स्तर पर बंद हुआ था।  

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