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Reduce Crypto Tax: सोशल मीडिया पर जारी क्रिप्टो टैक्स के खिलाफ मुहिम, यूजर्स इस अंदाज में सरकार से लगा रहे गुहार

Tue, 08 Feb 2022 04:32 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Tue, 08 Feb 2022 04:32 PM IST
सार

Campaign Against Crypto Tax On Social Media: क्रिप्टोकरेंसी के ऊपर लगाए गए 30 फीसदी के भारी-भरकम टैक्स को लेकर क्रिप्टो निवेशक नाखुश हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ एक मुहिम छेड़ दी है। यूजर्स तरह-तरह की फोटो पोस्ट करते हुए और अपने-अपने अंदाज में सरकार से इस टैक्स हटाने की मांग कर रहे हैं।
 

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Campaign against crypto tax issued on social media users are pleading with government in this manner
सोशल मीडिया पर क्रिप्टो टैक्स हटाने की मांग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्रिप्टोकरेंसी के प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ती ही जा रही है और भारत में भी इसका क्रेज देखते ही बनता है। जी हां, एक रिपोर्ट की मानें तो भारत में 10.53 करोड़ लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं। वित्त मंत्री ने 1 फरवरी को अपने बजट भाषण में क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 फीसदी लगाए जाने का एलान किया, तो इसे हटाने की मांग को लेकर एक मुहिम चल पड़ी। इन दिनों सोशल मीडिया पर ये मुहिम जोर पकड़ रही है और यूजर्स अपने-अपने तरीके से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह कर रहे हैं। 

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ये है सरकार का 30 फीसदी टैक्स का फार्मूला
वित्त मंत्री ने अपने पूरे बजट भाषण में क्रिप्टोकरेंसी शब्द का इस्तेमाल कहीं नहीं किया, लेकिन वर्चुअल करेंसी और डिजिटल असेट पर हुए एलान से उनका इशारा इसी ओर माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने वर्चुअल करेंसी या डिजिटल असेट से होने कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का एलान किया। इसे ऐसे समझें कि मान लीजिए आपने क्रिप्टोकरेंसी में 1 लाख रुपये का निवेश किया, इस निवेश के बाद आपको 50 हजार रुपये का फायदा हुआ, तो सरकार टैक्स के रूप में इस 50 हजार रुपये के मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स काटेगी यानी क्रिप्टो से आपको हुई इस कमाई में से 15000 रुपये सरकार के खाते में जाएंगे। क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला थोड़ा हैरान करने वाला जरूर है लेकिन भारत के क्रिप्टो निवेशक इसे सरकार का एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। यह कदम अंततः निवेशकों को इस जोखिम भरे क्रिप्टो बाजार में अपना पैसा लगाने का निर्णय लेते समय दो बार सोचने के लिए मजबूर करेगा। टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स यह दरअसल इनकम टैक्स का ही एक हिस्सा है। सरकार की घोषणा की बात करें तो किसी भी तरह की क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन पर आपको 1 फीसदी का टीडीएस भरना होगा।
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सोशल मीडिया पर #reducecryptotax ट्रेंडिंग
क्रिप्टोकरेंसी के ऊपर लगाए गए इस भारी-भरकम टैक्स को लेकर क्रिप्टो निवेशक नाखुश हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ एक मुहिम छेड़ दी है। यूजर्स तरह-तरह की फोटो पोस्ट करते हुए और अपने-अपने अंदाज में सरकार से इस टैक्स हटाने की मांग कर रहे हैं। कोई इसे लगान फिल्म के डायलॉग से जोड़कर तीन गुना लगाने लिए जाने की बात कर रहा है तो कोई लिख रहा है कि फायदे में 300 फीसदी हिस्सा सरकार और घाटा सिर्फ निवेशक का, बहुत नाइंसाफी है। ऐसे ही न जाने कितने तरीकों से क्रिप्टो के चाहने वाले केंद्र सरकार से इस फैसले को वापस लेने की गुहार लगा रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में यह साफ कर दिया कि क्रिप्टो में निवेश पर होने वाले नुकसान के खिलाफ कोई सेट ऑफ नहीं है यानी निजी डिजिटल असेट या क्रिप्टोकरेंसी के हस्तानांतरण से होने वाले नुकसान को किसी अन्य आय के खिलाफ सेट कतई नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि क्रिप्टो निवेशक अपने इस अभियान को तेजी से चला रहे हैं ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। 

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