फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Covid19,Industries will not have short of funds, bank giving loans at low interest rate without paying any fees

कोरोना संकटः उद्योगों को नहीं होगी फंड की कमी, बैंक दे रहे बिना शुल्क कम ब्याज पर कर्ज

Mon, 06 Apr 2020 07:07 AM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 06 Apr 2020 07:07 AM IST
विज्ञापन
Covid19,Industries will not have short of funds, bank giving loans at low interest rate without paying any fees
cecl - फोटो : social media

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और देशभर में लॉकडाउन का असर आम आदमी के साथ उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। खपत में कमी की वजह से छोटे और मझोले उद्योगों की कमाई बेहद सीमित हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य और जरूरी सेवाओं से जुड़े उद्योगों में कामकाज जारी है लेकिन उनके सामने भी फंडिंग की समस्या आ सकती है। ऐसे उद्योगों की वित्तीय मदद के लिए सरकारी बैंकों ने कोविड-19 आपातकालीन ऋण सुविधा (सीईसीएल) पेश की है। कौन और कैसे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, विस्तृत जानकारी-

विज्ञापन

बंद से प्रभावित उद्योगों के लिए संजीवनी

एसबीआई ने पिछले महीने भेजे पत्र में कहा था कि सीईसीएल नाम से अतिरिक्त नकदी सुविधा के तहत 200 करोड़ रुपये तक का कर्ज उद्योगों को दिया जा सकता है। जिनका कारोबार कोविड-19 से प्रभावित हुआ है, उन्हें राहत देने के लिए अतिरिक्त तरलता ऋण सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सीईसीएल संकट पर काबू पाने में मदद करेगा। यह सुविधा 30 जून तक मिलेगी। इसके तहत 12 माह के लिए 7.25% की ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा। इस पर छह माह तक कोई किस्त नहीं देनी होगी।

विज्ञापन


अगले छह माह 7.25 फीसदी की दर से कर्ज चुकाना होगा। बैंक ने कहा कि ऋण सुविधा उन सभी मानक खातों के लिए उपलब्ध है, जिन्हें 16 मार्च 2020 तक एसएमए 1 या 2 के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। एसएमए की शुरुआत ऐसे खातों की पहचान करने के लिए हैं जिनमें एनपीए बनने की आशंका होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ाई क्रेडिट लिमिट

बैंकिंग मामलों के जानकार अश्विनी राणा का कहना है कि ऐसी मुश्किल घड़ी में बैंकों ने उद्योगों को अतिरिक्त मदद देने के लिए उनकी क्रेडिट लिमिट को भी बढ़ा दिया है। मसलन, किसी इकाई को अगर पूर्व में 1 करोड़ रुपये का कर्ज मिलता था तो अब वह 10  से 20 फीसदी ज्यादा कर्ज ले सकेगा। लोन की समयावधि 36 महीने होगी जिस पर शुरुआती छह माह तक ईएमआई नहीं ली जाएगी।

48 घंटे में 50 लाख का कर्ज

सिडबी दवा और चिकित्सकीय उपकरणों की आपूर्ति करने वाले लघु और मध्यम उद्योगों को 50 लाख रुपये तक ऋण 48 घंटे में उपलब्ध कराएगा। सिडबी असिस्टेंट टू फैसिलिटेट इमरजेंसी (सेफ) योजना के तहत उद्योगों को 5% की ब्याज दर पर यह ऋण मिलेगा। इस कर्ज को पांच वर्ष में चुकाना होगा। योजना के तहत हैंड सैनिटाइजर, मास्क, दस्ताने, हेड गियर, बॉडी सूट, जूते के कवर, वेंटिलेटर, चश्में इत्यादि बनाने वाले लघु और मध्यम उद्योग ऋण पाने के योग्य होंगे।

बैंकों की मौजूदा ब्याज दर

  • एसबीआई एक अरब 4 साल 11.2% से शुरू
  • बैंक ऑफ इंडिया 5 करोड़ 7 साल 10.2% से शुरू
  • एचडीएफसी बैंक 50 लाख 4 साल 15% से शुरू
  • एक्सिस बैंक 50 लाख 3 साल 16% से शुरू
  • आईसीआईसीआई बैंक 40 लाख 4 साल 16% से शुरू
  • कोटक महिंद्रा बैंक 2 करोड़ 5 साल 13% से शुरू


सरकारी योजनाओं के तहत कर्ज

राशि अवधि ब्याज

  • सिडबी स्माइल योजना 50 लाख 10 साल 9.45-12.70%
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 10 लाख बैंक पर निर्भर बैंक पर निर्भर
  • बैंक क्रेडिट फैसिलिटेशन 5 करोड़ 5-7 साल बैंक पर निर्भर
  • 59 मिनट में एमएसएमई कर्ज 1 करोड़ बैंक पर निर्भर 8%

बढ़ सकता है एनपीए का खतरा

बैंकों को आर्थिक मदद के साथ इस बात की मॉनिटरिंग भी करनी होगी कि आपात कर्ज लेने वाले उद्योग इसका इस्तेमाल सही जगह करें। जिन उद्योगों पर पहले से ही भारी कर्ज है, उन्हें और पूंजी देने से बैंकों पर एनपीए का बोझ बढ़ने का जोखिम होगा। -अश्विनी राणा, सचिव, वॉइस ऑफ़ बैंकिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed