कोरोना संकटः उद्योगों को नहीं होगी फंड की कमी, बैंक दे रहे बिना शुल्क कम ब्याज पर कर्ज
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और देशभर में लॉकडाउन का असर आम आदमी के साथ उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। खपत में कमी की वजह से छोटे और मझोले उद्योगों की कमाई बेहद सीमित हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य और जरूरी सेवाओं से जुड़े उद्योगों में कामकाज जारी है लेकिन उनके सामने भी फंडिंग की समस्या आ सकती है। ऐसे उद्योगों की वित्तीय मदद के लिए सरकारी बैंकों ने कोविड-19 आपातकालीन ऋण सुविधा (सीईसीएल) पेश की है। कौन और कैसे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, विस्तृत जानकारी-
बंद से प्रभावित उद्योगों के लिए संजीवनी
एसबीआई ने पिछले महीने भेजे पत्र में कहा था कि सीईसीएल नाम से अतिरिक्त नकदी सुविधा के तहत 200 करोड़ रुपये तक का कर्ज उद्योगों को दिया जा सकता है। जिनका कारोबार कोविड-19 से प्रभावित हुआ है, उन्हें राहत देने के लिए अतिरिक्त तरलता ऋण सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सीईसीएल संकट पर काबू पाने में मदद करेगा। यह सुविधा 30 जून तक मिलेगी। इसके तहत 12 माह के लिए 7.25% की ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा। इस पर छह माह तक कोई किस्त नहीं देनी होगी।
अगले छह माह 7.25 फीसदी की दर से कर्ज चुकाना होगा। बैंक ने कहा कि ऋण सुविधा उन सभी मानक खातों के लिए उपलब्ध है, जिन्हें 16 मार्च 2020 तक एसएमए 1 या 2 के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। एसएमए की शुरुआत ऐसे खातों की पहचान करने के लिए हैं जिनमें एनपीए बनने की आशंका होती है।
बढ़ाई क्रेडिट लिमिट
बैंकिंग मामलों के जानकार अश्विनी राणा का कहना है कि ऐसी मुश्किल घड़ी में बैंकों ने उद्योगों को अतिरिक्त मदद देने के लिए उनकी क्रेडिट लिमिट को भी बढ़ा दिया है। मसलन, किसी इकाई को अगर पूर्व में 1 करोड़ रुपये का कर्ज मिलता था तो अब वह 10 से 20 फीसदी ज्यादा कर्ज ले सकेगा। लोन की समयावधि 36 महीने होगी जिस पर शुरुआती छह माह तक ईएमआई नहीं ली जाएगी।
48 घंटे में 50 लाख का कर्ज
सिडबी दवा और चिकित्सकीय उपकरणों की आपूर्ति करने वाले लघु और मध्यम उद्योगों को 50 लाख रुपये तक ऋण 48 घंटे में उपलब्ध कराएगा। सिडबी असिस्टेंट टू फैसिलिटेट इमरजेंसी (सेफ) योजना के तहत उद्योगों को 5% की ब्याज दर पर यह ऋण मिलेगा। इस कर्ज को पांच वर्ष में चुकाना होगा। योजना के तहत हैंड सैनिटाइजर, मास्क, दस्ताने, हेड गियर, बॉडी सूट, जूते के कवर, वेंटिलेटर, चश्में इत्यादि बनाने वाले लघु और मध्यम उद्योग ऋण पाने के योग्य होंगे।
बैंकों की मौजूदा ब्याज दर
- एसबीआई एक अरब 4 साल 11.2% से शुरू
- बैंक ऑफ इंडिया 5 करोड़ 7 साल 10.2% से शुरू
- एचडीएफसी बैंक 50 लाख 4 साल 15% से शुरू
- एक्सिस बैंक 50 लाख 3 साल 16% से शुरू
- आईसीआईसीआई बैंक 40 लाख 4 साल 16% से शुरू
- कोटक महिंद्रा बैंक 2 करोड़ 5 साल 13% से शुरू
सरकारी योजनाओं के तहत कर्ज
राशि अवधि ब्याज
- सिडबी स्माइल योजना 50 लाख 10 साल 9.45-12.70%
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 10 लाख बैंक पर निर्भर बैंक पर निर्भर
- बैंक क्रेडिट फैसिलिटेशन 5 करोड़ 5-7 साल बैंक पर निर्भर
- 59 मिनट में एमएसएमई कर्ज 1 करोड़ बैंक पर निर्भर 8%
बढ़ सकता है एनपीए का खतरा
बैंकों को आर्थिक मदद के साथ इस बात की मॉनिटरिंग भी करनी होगी कि आपात कर्ज लेने वाले उद्योग इसका इस्तेमाल सही जगह करें। जिन उद्योगों पर पहले से ही भारी कर्ज है, उन्हें और पूंजी देने से बैंकों पर एनपीए का बोझ बढ़ने का जोखिम होगा। -अश्विनी राणा, सचिव, वॉइस ऑफ़ बैंकिंग