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झटका: जल्द दिवालिया हो सकती है वोडाफोन आइडिया, जानिए क्या है मामला
Sat, 24 Jul 2021 11:33 AM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:33 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर गणना में त्रुटियों के सुधार के लिए दायर दूरसंचार कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया है। विश्लेषकों के अनुसार अब वोडाफोन आइडिया के पास दिवालिया के लिए आवेदन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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Supreme Court
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) गणना में त्रुटियों के सुधार के लिए दायर दूरसंचार कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया है। इस कदम से वोडाफोन आइडिया के फंड जुटाने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। मामले में विश्लेषकों ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के पास अब दिवालिया के लिए आवेदन करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।
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ज्यादा टैरिफ नहीं बढ़ा सकती कंपनी
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषकों ने कहा कि दूरसंचार बाजार में जारी प्रतिस्पर्द्धा को देखते हुए कंपनी अभी ज्यादा टैरिफ नहीं बढ़ा सकती है। ऐसे में यदि कंपनी को सरकार की ओर से कोई बड़ा राहत पैकेज नहीं मिलाता है, तो वोडाफोन आइडिया के लिए अगले साल अप्रैल के बाद अपना वजूद बचाए रखना मुश्किल हो सकता है।
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इस संदर्भ में अमेरिका की इक्विटी रिसर्च फर्म विलियम ओ नील एंड कंपनी की भारतीय यूनिट में इक्विटी रिसर्च के हेड मयूरेश जोशी ने कहा कि, 'वोडाफोन आइडिया के पास कम विकल्प हैं। एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कंपनी की फंड जुटाने की कोशिशें प्रभावित हो सकती हैं।'
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अप्रैल तक करना है 24 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान
कंपनी को अगले साल अप्रैल तक 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान करना है। फंडिंग के बिना कंपनी के लिए इसे पूरा कर पाना कठिन है। यदि कंपनी के पास सारे विकल्प खत्म होते हैं, तो दूरसंचार क्षेत्र में दो कंपनियां- रिलायंस जियो और एयरटेल बच जाएंगी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन आइडिया और एयरटेल की याचिका खारिज कर दी थी। इन्होंने एजीआर) गणना में त्रुटियों के सुधार के लिए याचिका दायर की थी।
एक टॉप ग्लोबल ब्रोकरेज के विश्लेषक ने कहा कि वोडाफोन आइडिया जल्दी ही दिवालियापन अदालत का रुख कर सकती है। एजीआर बकाए के मामले में उसके कानूनी विकल्प समाप्त हो गए हैं। कोर्ट के फैसले के बाद संभावित वैश्विक निवेशक फंडिंग कमिटमेंट से किनारा कर सकते हैं।
इससे पहले दूरसंचार क्षेत्र की निगरानी संस्था 'टेलीकॉम वाचडॉग' ने सरकार से कर्जग्रस्त वोडाफोन आइडिया की 8,292 करोड़ रुपये की बकाया राशि के भुगतान के लिए और समय देने के अनुरोध को खारिज करने की मांग की थी।
वोडाफोन आइडिया ने 25 जून 2021 को दूरसंचार सचिव को एक पत्र लिखकर कहा था कि वह समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की बकाया राशि के भुगतान में नकदी का इस्तेमाल होने और काफी सस्ती कीमतों की स्थिति में जरूरी नकदी का सृजन करने में अपने परिचालन के नाकाम होने" की वजह से नौ अप्रैल 2021 को देय 8,292 करोड़ रुपये की किश्त का भुगतान नहीं कर पाएगी।