फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   UTStarcom plans manufacturing unit in India after BSNL clears dues

BSNL ने चुकाया बकाया, तो हांगकांग स्थित यह कंपनी भारत में लगाएगी इकाई

Thu, 28 Nov 2019 10:13 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 28 Nov 2019 10:13 AM IST
विज्ञापन
UTStarcom plans manufacturing unit in India after BSNL clears dues

दूरसंचार उपकरण बनाने वाली वैश्विक कंपनी यूटीस्टारकॉम ने बुधवार को कहा कि वह भारत में विनिर्माण इकाई व शोध विकास केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इसके लिए पहले सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को उसका बकाया चुकाना होगा। हांगकांग स्थित यह कंपनी बीएसएनएल और टाटा टेलीसर्विसेज को ब्रॉडबैंड सेवा देने वाले उपकरण मुहैया कराती है।

विज्ञापन


विज्ञापन


यूटीस्टारकॉम के भारतीय परिचालन के प्रबंध निदेशक राहुल पांडे ने कहा, कंपनी के पास विनिर्माण इकाई स्थापित करने की मंजूरी पहले से है, लेकिन वह बीएसएनएल से बकाया मिलने तक आगे नहीं बढ़ सकती है। चालू वर्ष के अंत तक उस पर कुल बकाया बढ़कर 500 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है। कंपनी प्रबंधन ने विनिर्माण इकाई और शोध-विकास केंद्र की स्थापना के लिए योजना को पहले ही मंजूर कर दिया है, लेकिन क्षेत्र में मौजूदा नरमी और बकाया वापस मिलने के मुद्दे के कारण हमने इस पर निर्णय दिसंबर तक टाल दिया है। प्रबंधन दोबारा इसकी समीक्षा करेगा, फिर इकाई लगाने पर फैसला लेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

बीएसएनएल पर 14 हजार करोड़ की देनदारी

बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले 5 सालों में 75 हजार रह जाएगी। 

वेतन पर होता है सबसे ज्यादा खर्च

एमटीएनएल और बीएसएनएल दोनों सरकारी दूरसंचार कंपनियों में भीषण नकदी संकट चल रहा है। दोनों ही कंपनियों का सबसे ज्यादा खर्च वेतन पर ही होता है। बीएसएनएल में जहां कुल आय का 75.06 फीसदी हिस्सा वेतन पर लगाना पड़ता है, वहीं एमटीएनएल में यह आंकड़ा 87.15 फीसदी है। इसके मुकाबले, निजी कंपनियों में देखें तो यह आंकड़ा महज 2.9 से फीसदी होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed