BSNL ने चुकाया बकाया, तो हांगकांग स्थित यह कंपनी भारत में लगाएगी इकाई
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दूरसंचार उपकरण बनाने वाली वैश्विक कंपनी यूटीस्टारकॉम ने बुधवार को कहा कि वह भारत में विनिर्माण इकाई व शोध विकास केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इसके लिए पहले सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को उसका बकाया चुकाना होगा। हांगकांग स्थित यह कंपनी बीएसएनएल और टाटा टेलीसर्विसेज को ब्रॉडबैंड सेवा देने वाले उपकरण मुहैया कराती है।
यूटीस्टारकॉम के भारतीय परिचालन के प्रबंध निदेशक राहुल पांडे ने कहा, कंपनी के पास विनिर्माण इकाई स्थापित करने की मंजूरी पहले से है, लेकिन वह बीएसएनएल से बकाया मिलने तक आगे नहीं बढ़ सकती है। चालू वर्ष के अंत तक उस पर कुल बकाया बढ़कर 500 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है। कंपनी प्रबंधन ने विनिर्माण इकाई और शोध-विकास केंद्र की स्थापना के लिए योजना को पहले ही मंजूर कर दिया है, लेकिन क्षेत्र में मौजूदा नरमी और बकाया वापस मिलने के मुद्दे के कारण हमने इस पर निर्णय दिसंबर तक टाल दिया है। प्रबंधन दोबारा इसकी समीक्षा करेगा, फिर इकाई लगाने पर फैसला लेगा।
बीएसएनएल पर 14 हजार करोड़ की देनदारी
बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले 5 सालों में 75 हजार रह जाएगी।
वेतन पर होता है सबसे ज्यादा खर्च
एमटीएनएल और बीएसएनएल दोनों सरकारी दूरसंचार कंपनियों में भीषण नकदी संकट चल रहा है। दोनों ही कंपनियों का सबसे ज्यादा खर्च वेतन पर ही होता है। बीएसएनएल में जहां कुल आय का 75.06 फीसदी हिस्सा वेतन पर लगाना पड़ता है, वहीं एमटीएनएल में यह आंकड़ा 87.15 फीसदी है। इसके मुकाबले, निजी कंपनियों में देखें तो यह आंकड़ा महज 2.9 से फीसदी होता है।