टाटा समूह के शेयरों में दिखेगी अनिश्चितता, निवेशक लंबी अवधि पर लगाएं दांव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइरस मिस्त्री की टाटा संस के चेयरमैन पद पर फिर ताजपोशी का रास्ता साफ होने से भले ही टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का भरोसा अभी कायम है। उनका कहना है कि समूह की कंपनियों के शेयरों में अल्पावधि में अनिश्चितता दिख सकती है, लेकिन लंबी अवधि में काफी दम है। बाजार में तेजी के साथ समूह के अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में भी तेजी आई है और यह रुझान आगे भी बना रहेगा।
एक दिन पहले राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाने के तरीके को अवैध ठहराते हुए उन्हें दोबारा बहाल करने का आदेश दिया था। इस खबर के बाद बुधवार को समूह की कई कंपनियों के शेयरों में खासी गिरावट आई थी। निवेशकों की रणनीति से संबंधित सवाल पर केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया ने कहा कि फिलहाल समूह की कंपनियों के शेयरों में अनिश्चितता बनी रहेगी, लेकिन लंबी अवधि के लिए काफी संभावनाएं हैं।
बाजार विशेषज्ञ आसिफ इकबाल ने कहा कि टाटा समूह की कंपनियों में कोई दिक्कत नहीं है और ज्यादातर कंपनियों के फंडामेंटल अच्छे हैं। हालांकि उन्होंने कहा, ‘मिस्त्री की नियुक्ति होती है तो बोर्ड में रणनीतिक फैसलों को लेकर विवाद दिख सकता है। फैसलों में कुछ देरी देखने को मिल सकती है।’
उन्होंने कहा, एनसीएलएटी ने मिस्त्री को हटाने के तरीके पर सवाल उठाया है। ऐसे में दूसरा गुट आगे सही तरीके से इस काम कर सकता है, क्योंकि उसके पास बहुलांश हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे में निवेशकों को हर गिरावट को निवेश के मौके के तौर पर लेना चाहिए।’
कोर्ट के फैसले पर रखें नजर
अजय केडिया ने कहा कि टाटा संस इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी, इसलिए निवेशकों को कोर्ट के फैसले पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘निवेशकों को समूह की कंपनियों में अपना निवेश बनाए रखना चाहिए। निवेशक अच्छी कंपनियों में नया निवेश भी कर सकते हैं। हालांकि अगर कोर्ट का फैसला मिस्त्री के पक्ष में आता है तो जरूर कुछ चिंता बढ़ सकती है।’
टाटा समूह की कम हिस्सेदारी वाली कंपनियों पर होगा असर
हालांकि ऐसी कंपनियों पर असर पड़ सकता है, जिनमें टाटा समूह की हिस्सेदारी कम है या मतदान का अधिकार कम है। आसिफ इकबाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में संस्थागत निवेशकों के लिए दोनों पक्षों को अपने फैसले मनवाने के लिए लॉबीइंग करनी पड़ सकती है। ऐसे में फैसले लेने में देरी हो सकती है।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयर 3 फीसदी तक चढ़े
मिस्त्री प्रकरण में टाटा समूह के खिलाफ फैसला आने के बावजूद निवेशकों का उससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भरोसा कायम है। बृहस्पतिवार को लाल निशान में खुलने के बाद टाटा समूह की कंपनियों के शेयर 3 फीसदी तक मजबूत होकर बंद हुए। हालांकि शुरुआती कारोबार में समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयरों में दबाव बना रहा।
समूह की सबसे बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेस (टीसीएस) के शेयर में लगभग 3 फीसदी और टाटा मोटर्स के शेयर में 2.50 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। टाटा पावर, टाटा ग्लोबल बेवरेजिस, टाटा स्टील, टाटा कम्युनिकेशंस, टाइटन में लगभग 1 फीसदी तक तेजी देखने को मिली। हालांकि इंडियन होटल कंपनी, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, टाटा इलेक्सी के शेयरों में 2 फीसदी तक गिरावट रही।
शेयरों में कितनी तेजी, कितनी गिरावट
शेयर बढ़त (फीसदी में)
टीसीएस 2.83
टाटा मोटर्स 2.49
टाटा कॉफी 0.98
टाटा ग्लोबल 0.67
टाटा स्टील 0.48