घाटे में चल रही जगुआर-लैंडरोवर को बेचने की सोच रहा टाटा मोटर्स
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टाटा मोटर्स घाटे में चल रही ब्रिटेन में स्थित अपनी सहायक कंपनी जगुआर-लैंडरोवर को बेचने की सोच रहा है। टाटा मोटर्स को इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जेएलआर की वजह से 27 हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
रखेगा अपना स्वामित्व
हालांकि कंपनी इस कंपनी में अपने स्वामित्व को बरकरार रखते हुए किसी और कंपनी के साथ इसे चलाने के लिए साझेदारी करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक टाटा मोटर्स ने फिलहाल कहा है कि वो हिस्सेदारी रखने या नहीं रखने पर केवल विचार कर रहा है। अभी कंपनी ने इस पर किसी तरह का कोई फैसला नहीं लिया है।
जेएलआर से हुआ घाटा
7 फरवरी को टाटा मोटर्स ने बंबई शेयर बाजार को जानकारी देते हुए कहा था कि जगुआर लैंड रोवर की वजह से कंपनी को इस तिमाही में बड़ा घाटा हुआ है। इसके अलावा चीन में बिक्री कम होने से भी उसकी कमाई पर बड़ा असर पड़ा है।
कंपनी ने खर्चों को कम करने के लिए विश्व भर में जेएलआर के 4500 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया है। हाल ही में कंपनी ने जेएलआर में करीब 2.5 बिलियन पाउंड का निवेश किया था। कंपनी ने कहा है कि इस बड़े घाटे से इस वित्त वर्ष में उसकी कमाई पर असर पड़ेगा और यह नकारात्मक हो सकता है। टाटा मोटर्स की स्वामित्व वाली इस कंपनी में ब्रिटेन में 40 हजार से अधिक लोग काम करते हैं।
स्टैंडअलोन बेसिस पर 617 करोड़ रुपये का लाभ
स्टैंडअलोन बेसिस पर देखें तो कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान 617.62 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 211.59 करोड़ रुपये रहा था। टाटा मोटर्स की स्टैंडअलोन इनकम बढ़कर 16,477.07 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 16,186.15 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि जेएलआर का रेवेन्यू 1 फीसदी घटकर 6.2 अरब डॉलर रह गया।