TCS ने नीलसन से किया 225 करोड़ डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट, आउटसोर्सिंग में सबसे बड़ी डील
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने अब तक की सबसे बड़ी आउटसोर्सिंग डील की है। यह डील उसने टेलिविजन रेटिंग एजेंसी नीलसन के साथ की है। इस डील के तहत अगले तीन सालों (2020 तक) कंपनी नीलसन के सभी आउटसोर्सिंग कार्यों को करेगी। इस डील के लिए टीसीएस को 2.25 बिलियन डॉलर (225 करोड़ डॉलर) मिलेंगे।
2007 में किया था 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट
टीसीएस को नीलसन ने 2007 में 1.2 बिलियन डॉलर का 10 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिया था। फिर नीलसन ने 2013 में इसे बढ़ाकर के 2.25 बिलियन डॉलर का कर दिया था। तब टीसीएस ने नीलसन को हर साल 320 मिलियन डॉलर का बिजनेस देने का वादा किया था। अब कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से 2025 तक हर तीन साल में इसको रिन्यु किया जाएगा।
वेल्थ जेनरेशन में बनी सबसे बड़ी कंपनी
टीसीएस हाल ही में देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी। इसने एचडीएफसी बैंक और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी वेल्थ जेनरेशन के मामले में पीछे कर दिया था। 2012 से 2017 के बीच टीसीएस ने जहां 2.50 लाख करोड़ की वेल्थ बनाई, वहीं एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने क्रमशः 2.31 लाख करोड़ व 1.89 लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया।
टाटा ने किया सबसे ज्यादा कंपनियों का अधिग्रहण
भारत की सबसे बड़ी और पुरानी कंपनियों में शुमार टाटा ग्रुप ने विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण करने की संख्या में सबसे आगे रही थी। 2006 में कोरस का 12.7 अरब डॉलर में अधिग्रहण करके टाटा स्टील ने ब्रिटेन में कदम रखा था। यह उस वक्त किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा किया गया यह सबसे बड़ा अधिग्रहण था।
इसके बाद टाटा मोटर्स ने मार्च 2006 में जैगुआर और लैंड रोवर का 2.3 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया था। 2012 में टाटा समूह की अन्य कंपनी इंडियन होटल कंपनी ने अक्टूबर 2012 में ओरिएंट होटल का 1.67 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया था।