फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   RIL to consider first rights issue in 3 decades on 30 April 2020

कर्जमुक्त होने के लिए 29 साल बाद राइट्स इश्यू लाएगी RIL, 30 अप्रैल को होगा फैसला

Tue, 28 Apr 2020 11:34 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 28 Apr 2020 11:34 AM IST
विज्ञापन
RIL to consider first rights issue in 3 decades on 30 April 2020
Mukesh Ambani - फोटो : TWITTER

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) कर्जमुक्ति के लिए राइट्स इश्यू लाने पर विचार कर रही है। राइट्स इश्यू पर अंतिम निर्णय 30 अप्रैल 2020 को बोर्ड मीटिंग के दौरान होगा। इसकी जानकारी आरआईएल ने स्टॉक एक्सचेंज की दी। बोर्ड बैठक में मौजूदा शेयरधारकों को राइट्स के आधार पर इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

विज्ञापन


शेयरधारकों के डिविडेंड पर होगा विचार
इस संदर्भ में आरआईएल ने शेयर बाजारों को कहा है कि गुरुवार को होने वाली बोर्ड बैठक में 31 मार्च 2020 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटिड वित्तीय परिणामों को भी मंजूरी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त रिलायंस के शेयरधारकों को दिए जाने वाले डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा। 
विज्ञापन


BSE में रिलायंस के 23 लाख शेयर
हालांकि, रिलायंस ने राइट्स इश्यू के साइज और अन्य जानकारी शेयर बाजारों को नहीं दी है। मालूम हो कि मौजूदा समय में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में रिलायंस के 23 लाख शेयर हैं। इनमें शेयरों से आधे शेयर मुकेश अंबानी और उनके परिवार के पास हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार सुबह 11.40 बजे बीएसई पर कंपनी का शेयर 27.80 अंक यानी 1.94 फीसदी की गिरावट के साथ 1402.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण 8,89,276.22 लाख करोड़ रुपये था। 

कंपनी पर 3.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज
मालूम हो कि रिलायंस पर इस समय करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। पिछले साल अगस्त में मुकेश अंबानी ने कहा था कि उनकी कंपनी 18 महीने यानी मार्च 2021 तक पूरी तरह से कर्जमुक्त हो जाएगी। इसके लिए राशि जुटाने की दिशा में कंपनी हरसंभव प्रयास कर रही है। 

29 साल बाद सार्वजनिक रूप से धन जुटाने की योजना
इस महीने की शुरुआत में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने नॉन-कन्वर्टेबल डिबेंचर (एनसीडी) के जरिए 25 हजार करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और अब कंपनी 29 साल बाद राइट इश्यू के जरिए सार्वजनिक रूप से धन जुटाने की योजना बना रही है। साल 1991 में रिलायंस ने कन्वर्टेबल डिबेंचर्स के जरिए धन जुटाया था और बाद में इन डिबेंचर्स को 55 रुपये की दर से इक्विटी शेयर में बदल दिया था।


क्या है राइट्स इश्यू?
दरअसल पूंजी जुटाने के लिए शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियां राइट्स इश्यू लाती हैं। राइट्स इश्यू के जरिए कंपनियां अपने मौजूदा शेयरधारकों को ही अतिरिक्त शेयर खरीदने के लिए मंजूरी देती हैं। शेयरधारक एक निश्चित अनुपात में शेयर खरीद सकते हैं, जो कंपनी तय करती है। यानी शेयरधारक कंपनी की ओर से तय अवधि में राइट्स इश्यू के तहत शेयर खरीद सकते हैं। हालांकि इसके जरिए कंपनी के मालिकाना हक पर कोई असर नहीं पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed