फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   ril, bp can fix the rate of natural gas, takes back case against the union government

नैचुरल गैस का प्राइज तय कर सकेंगे मुकेश अंबानी, सरकार के खिलाफ दायर मुकदमा वापस लिया

Fri, 23 Jun 2017 05:20 PM IST
amarujala.com- Presented by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented by: अनंत पालीवाल Updated Fri, 23 Jun 2017 05:20 PM IST
विज्ञापन
ril, bp can fix the rate of natural gas, takes back case against the union government

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और उसकी ब्रिटिश साझेदार कंपनी बीपी पीएलसी अब केजी बेसिन से निकलने वाली नेचुरल गैस का प्राइस तय कर सकेंगे। इसके साथ ही दोनों कंपनियों ने सरकार के खिलाफ दायर एक मुकदमे को भी वापस ले लिया है।  पीएम मोदी से मुलाकात करने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी ने यह फैसला किया है। 

विज्ञापन


इससे पहले दोनों कंपनियों ने भारत सरकार के विरुद्घ तीन साल पहले दायर किया गया अपना एक मध्यस्थता मामला वापस ले लिया। यह मामला दोनों कंपनियों ने गैस मूल्य संशोधन में देरी होने के बाद दाखिल किया था। इसे वापस लिए जाने के बाद अब दोनों कंपनियों को गहरे समुद्र में नए क्षेत्रों से उत्पादित होने वाले प्राकृतिक गैस के विपणन और मूल्य निर्धारण करने की आजादी हासिल हो जाएगी। 
विज्ञापन


इन नए क्षेत्रों पर 40,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है और इनसे 2022 तक उत्पादन शुरू होना है। सूत्रों के मुताबिक मामले को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से वापस लेने की प्रक्रिया 15 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अंबानी और बीपी के सीईओ बॉब डूडले की मुलाकात से पहले शुरू की गई थी। बीपी के प्रवक्ता ने मामला वापस लिए जाने की पुष्टि कर दी है। इस बारे में आरआईएल को भेजे गए एक ईमेल का हालांकि जवाब नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोदी से मुलाकात के बाद अंबानी और डूडले ने उस दिन एक संवाददाता सम्मेलन में अपने कृष्णा गोदावरी बेसिन केजी-डी6 ब्लॉक में निवेश चक्र आठ साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू करने की घोषणा कर दी थी। इसके तहत 40,000 करोड़ रुपये निवेश के साथ गहरे समुद्र के तीन खोजों के समूह का विकास किया जाएगा।


डूडले ने जनवरी 2015 में भी मोदी से मुलाकात की थी। तब डूडले की एक मांग को स्वीकार करते हुए सरकर ने यह शर्त रखी थी कि दोनों कंपनियां सरकार की गैस नीति के विरुद्घ दाखिल किसी भी कानूनी प्रक्रिया या मध्यस्थता को वापस ले लें। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed