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Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   Reliance of Mukesh Ambani can become Debt Free Company soon

विभिन्न कंपनियों से रिलायंस ने जुटाया धन, जल्द हो सकती है कर्जमुक्त

Sun, 31 May 2020 02:10 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 31 May 2020 02:10 PM IST
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Reliance of Mukesh Ambani can become Debt Free Company soon
Mukesh Ambani - फोटो : TWITTER

उद्योगपति मुकेश अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज कर्जमुक्त कंपनी बनने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। पिछले कुछ सप्ताह के दौरान रिलायंस ने विभिन्न कंपनियों से अच्छा-खासा धन जुटाया है, जिससे उसके लिए शून्य ऋण वाली कंपनी बनने के लक्ष्य को पाना आसान हो गया है। एक ब्रोकरेज कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि सऊदी अरामको के साथ रिलायंस के सौदे में देरी भी होती है, तो भी वह अपने पूरे शुद्ध कर्ज का भुगतान करने की स्थिति में होगी।

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डिजिटल इकाई में हिस्सेदारी बेचकर जुटाए 78,562 करोड़ 
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी डिजिटल इकाई में अल्पांश हिस्सेदारी फेसबुक तथा निजी इक्विटी कंपनियों मसलन सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, केकेआर और जनरल अटलांटिक को बेचकर कुल 78,562 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है। इसके अलावा कंपनी राइट्स इश्यू के जरिए भी 53,125 करोड़ रुपये जुटा रही है।
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2020-21 में चुकी पाएगी 1.6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज
एक शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि, 'हालिया सौदों के बाद हमने रिलायंस इंडस्ट्रीज के बही-खाते का विश्लेषण किया है। कंपनी ने पिछले माह के दौरान इक्विटी के रूप में 1.3 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। हमारा अनुमान है कि यदि अरामको सौदे में देरी भी होती है, तो भी कंपनी 2020-21 में अपना समूचा 1.6 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध ऋण चुका पाएगी।'
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रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी का समायोजित शुद्ध कर्ज 2.57 लाख करोड़ रुपये कुछ ऊंचा है और इसे चुकाने में अधिक समय लगेगा।

एडलवाइस ने कहा है कि कंपनी की दूरसंचार इकाई जियो का पूंजीगत खर्च काफी हद तक पूरा हो गया है। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज तेल और गैस क्षेत्र से कम आय के बावजूद 2020-21 में 20,000 करोड़ रुपये का मुक्त नकदी प्रवाह (एफसीएफ) हासिल कर पाएगी।


जियो में 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का अनुमान
ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि, 'हमारा अनुमान है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो में 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इसके अलावा राइट्स इश्यू से मिलने वाली राशि, ईंधन के खुदरा कारोबार में 49 फीसदी हिस्सेदारी बीपी को 7,000 करोड़ रुपये में बेचने आदि के बाद कंपनी के पास 1.3 लाख करोड़ रुपये की नकदी होगी। ऐसे में कंपनी 2020-21 में कर्जमुक्त होने के लक्ष्य को हासिल कर पाएगी।'

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