घाटे से बेहाल जेट एयरवेज में यात्रियों को देना होगा खाने-पीने पर पैसा, अब चली इन कंपनियों की राह पर
घाटे से बेहाल जेट एयरवेज में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब सफर के दौरान खाने-पीने पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है। अपनी कमाई बढ़ाने के लिए कंपनी अगले सोमवार को इस तरह का फैसला ले लेगी, जिसके बाद यह भी अन्य लो कॉस्ट कंपनियां जैसे कि इंडिगो, गो एयर की राह पर चल सकती है।
सोमवार को जारी होंगे नतीजे
कंपनी अपनी पहली तिमाही के नतीजे भी सोमवार को जारी करेगी। घाटे के चलते अभी तक कंपनी ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे जारी नहीं किए हैं और इनको लगातार टाल रही थी। हालांकि सरकार के दबाव और बीएसई की फटकार के बाद कंपनी ने इसे सोमवार को जारी करने का फैसला किया है।
अभी टिकट में होता है खाने का पैसा शामिल
जेट एयरवेज से यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर के दौरान खाना मिलता है और इसका पैसा भी टिकट में शामिल होता है। यह नियम जेट की सभी छोटी और बड़ी उड़ानों पर लागू होता है। चाहे यात्री बिजनेस क्लास में सफर करे या फिर इकोनॉमी में उसे नाश्ता, लंच-डिनर या फिर शाम के वक्त का चाय-कॉफी और स्नैक्स मिलते ही हैं।
छोटी उड़ानों पर नहीं मिलेगा नाश्ता
जेट एयरवेज के सूत्रों ने बताया कि यात्रियों को छोटी उड़ानों पर नाश्ता नहीं दिया जाएगा। अगर उनको नाश्ता या फिर चाय-कॉफी चाहिए तो फिर अलग से पैसा खर्च करना होगा।
इस वजह से खराब हुई हालत
कंपनी के प्रबंधन ने कर्मचारियों से कहा कि हवाई ईंधन के दामों में बढ़ोतरी और इंडिगो द्वारा ज्यादा मार्केट शेयर हासिल करने से उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। 2016 और 2017 में जहां कंपनी ने लाभ अर्जित किया था, वहीं 2018 के वित्त वर्ष में उसे 767 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा।
इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर के एक हजार करोड़ रुपये के पार जा सकता है। कंपनी ने अपने काफी इंजीनियर्स को निकालने का फरमान जारी कर दिया है। इसके बाद केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ में भी कर्मचारियों की संख्या में कटौती की जाएगी।
नहीं मिलेगा सैलरी कटने पर रिफंड
कंपनी ने साफ कर दिया है कि सैलरी कटने के बाद किसी तरह का कोई रिफंड आगे नहीं मिलेगा। अभी अधिकारियों को सात साल का बॉन्ड या फिर एक करोड़ रुपये और पायलटों को एक साल का नोटिस पीरियड देना होता है।