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ओलंपस ने बंद किया 84 साल पुराना कैमरा बिजनेस, अब ये काम करेगी कंपनी
Fri, 26 Jun 2020 02:38 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 26 Jun 2020 02:38 PM IST
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ओलंपस
- फोटो : pixabay
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जापानी कंपनी ओलंपस ने अपना कैमरा कारोबार बेच दिया है। कंपनी साल 1936 से कैमरे बना रही थी। 84 साल पुराना कैमरा बिजनेस बंद करके अब कंपनी मेडिकल इमेजिंग उपकरण ही बनाएगी। जापान इंडस्ट्रियल पार्टनर्स (जेआईपी) ने ओलंपस से यह कारोबार खरीदा है।
कंपनी ने किया हर संभव प्रयास
मालूम हो कि जेआईपी ने पहले सोनी से वीवी कंप्यूटर का बिजनेस भी खरीदा था। ओलंपस के पास जुइको और ओएम-डी जैसे लोकप्रिय कैमरा ब्रांड थे। मामले में ओलंपस ने कहा कि इसने डिजिटल कैमरा मार्केट में बने रहने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन कंपनी को सफलता नहीं मिल सकी। कैमरा बिजनेस पहले भी ओलंपस के पूर्ण कारोबार का छोटा हिस्सा ही था।
तीन साल से हो रहा था घाटा
साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि स्मार्टफोन की टेक्नोलॉजी में लगातार आ रहे सुधार से कैमरे का बाजार लगातार कम होता जा रहा है। ओलंपस को पिछले तीन साल से कैमरे के बिजनेस में घाटा हो रहा था, जिसे कंपनी पिछले तीन साल से कैमरे के बिजनेस पाट रही थी। अब कंपनी ने इसे बंद कर दिया है।
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ओलंपस ने लॉन्च किया था पहला माइक्रो कैसेट टेप रिकॉर्डर
ओलंपस ने दुनिया का सबसे पहला माइक्रो कैसेट टेप रिकॉर्डर जुइको पर्लकोडर लॉन्च किया था। अब कंपनी अपना पूरा ध्यान इंडोस्कोप जैसे मेडिकल उपकरण के उत्पादन बनाने में लगाएगी।
ईस्टमैन कोडक ने बनाया था पहला डिजिटल कैमरा
साल 1975 में ईस्टमैन कोडक के स्टीवन सैसन नाम के एक इंजीनियर ने दुनिया का सबसे पहला डिजिटल कैमरा बनाने का प्रयास किया था। स्टीवन सैसन के इस कैमरे को पहले डिजिटल स्टैन स्नैपर के रूप में पहचाना जाता था। कैमरे का वजन करीब चार किलोग्राम था। इस कैमरे मे ब्लैक एंड व्हाइट फोटो खींची जाती थी। कैमरा का रिजोल्युशन 0.01 मेगा पिक्सेल था।
1991 में शुरू हुई थी बिक्री
साल 1991 में ईस्टमैन कोडक कंपनी ने डिजिटल कैमरों की बिक्री शुरू की, जिसके बाद एपल कंप्यूटर और ईस्टमैन कोडक ने पहला कंज्यूमर मॉडल पेश किया। यह साल 1994 में पेश किया गया था। दोनों कंपनियों ने मिलकर एक ऐसा सॉफ्टवेयर पेश किया था, जिसके माध्यम से डिजिटल कैमरे से खींची गई तस्वीर कंप्यूटर में ट्रांसफर की जाने लगी।
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कंपनी ने किया हर संभव प्रयास
मालूम हो कि जेआईपी ने पहले सोनी से वीवी कंप्यूटर का बिजनेस भी खरीदा था। ओलंपस के पास जुइको और ओएम-डी जैसे लोकप्रिय कैमरा ब्रांड थे। मामले में ओलंपस ने कहा कि इसने डिजिटल कैमरा मार्केट में बने रहने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन कंपनी को सफलता नहीं मिल सकी। कैमरा बिजनेस पहले भी ओलंपस के पूर्ण कारोबार का छोटा हिस्सा ही था।
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तीन साल से हो रहा था घाटा
साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि स्मार्टफोन की टेक्नोलॉजी में लगातार आ रहे सुधार से कैमरे का बाजार लगातार कम होता जा रहा है। ओलंपस को पिछले तीन साल से कैमरे के बिजनेस में घाटा हो रहा था, जिसे कंपनी पिछले तीन साल से कैमरे के बिजनेस पाट रही थी। अब कंपनी ने इसे बंद कर दिया है।
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ओलंपस ने लॉन्च किया था पहला माइक्रो कैसेट टेप रिकॉर्डर
ओलंपस ने दुनिया का सबसे पहला माइक्रो कैसेट टेप रिकॉर्डर जुइको पर्लकोडर लॉन्च किया था। अब कंपनी अपना पूरा ध्यान इंडोस्कोप जैसे मेडिकल उपकरण के उत्पादन बनाने में लगाएगी।
ईस्टमैन कोडक ने बनाया था पहला डिजिटल कैमरा
साल 1975 में ईस्टमैन कोडक के स्टीवन सैसन नाम के एक इंजीनियर ने दुनिया का सबसे पहला डिजिटल कैमरा बनाने का प्रयास किया था। स्टीवन सैसन के इस कैमरे को पहले डिजिटल स्टैन स्नैपर के रूप में पहचाना जाता था। कैमरे का वजन करीब चार किलोग्राम था। इस कैमरे मे ब्लैक एंड व्हाइट फोटो खींची जाती थी। कैमरा का रिजोल्युशन 0.01 मेगा पिक्सेल था।
1991 में शुरू हुई थी बिक्री
साल 1991 में ईस्टमैन कोडक कंपनी ने डिजिटल कैमरों की बिक्री शुरू की, जिसके बाद एपल कंप्यूटर और ईस्टमैन कोडक ने पहला कंज्यूमर मॉडल पेश किया। यह साल 1994 में पेश किया गया था। दोनों कंपनियों ने मिलकर एक ऐसा सॉफ्टवेयर पेश किया था, जिसके माध्यम से डिजिटल कैमरे से खींची गई तस्वीर कंप्यूटर में ट्रांसफर की जाने लगी।