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दूरसंचार विभाग की 48,489 करोड़ रुपये की मांग के खिलाफ ऑयल इंडिया उठाने जा रही है कदम

Sun, 16 Feb 2020 04:43 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 16 Feb 2020 04:43 PM IST
सार

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुशील चंद्र मिश्रा ने कहा है कि कंपनी अतिरिक्त बैंडविड्थ क्षमता के पिछले बकाए के रूप में लगभग 48,500 करोड़ रुपये देने की दूरसंचार विभाग की मांग के खिलाफ अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) में जा सकती है। 

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Oil India is likely to move the TDSAT this week against the telecom department

विस्तार

सुशील चंद्र मिश्रा ने कहा कि, 'लाइसेंस शर्तों के अनुसार, विवाद टीडीसैट के पास जाएगा। हम एक सप्ताह के भीतर टीडीसैट में अपील करेंगे।' साथ ही मांगों को लेकर बाकि की गैर-दूरसंचार कंपनियां भी दूरसंचार विवाद निपटान और टीडीसैट में जा सकती हैं। बता दें कि गेल इंडिया लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड टीडीसैट में जा सकती हैं। 

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इन कंपनियों से इतने मांगे गए हैं पैसे

इस संदर्भ में गेल इंडिया से 1.83 लाख करोड़ रुपये मांगे गए हैं, पावर ग्रिड से 21,953.65 करोड़ रुपये और गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स से 15,019.97 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।

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24 अक्तूबर 2019 को उच्चतम न्यायालय ने दिया था आदेश 

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने 24 अक्तूबर 2019 को आदेश दिया था कि दूरसंचार कंपनियों को गैर-दूरसंचार आय पर भी सरकार को बकाए का भुगतान करना चाहिए, जिसके बाद ही दूरसंचार विभाग ने भारती एयरटेल लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और अन्य कंपनियों से 1.47 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी। वहीं 2.7 लाख करोड़ रुपये गैर-दूरसंचार कंपनियों से मांगे गए थे। शीर्ष न्यायालय ने 14 फरवरी को ऑयल इंडिया से उचित प्राधिकरण के पास जाने के लिए कहा।

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सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को लगाई फटकार 

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने देश की टेलीकॉम कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि आदेश के बाद अभी तक समायोजित सकल राजस्व (AGR) की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट की इस फटकार के बाद दूरसंचार विभाग ने भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को शुक्रवार की आधी रात तक AGR बकाये का भुगतान करने का आदेश दिया था, लेकिन इस आदेश को भी दरकिनार करते हुए किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने एजीआर का भुगतान नहीं किया है।

17 मार्च तक पूरी बकाया राशि का कर देंगे भुगतान: एयरटेल

दूरसंचार विभाग के इस आदेश के बाद भारती एयरटेल ने कहा है कि वह 20 फरवरी तक 10,000 करोड़ रुपये जमा करेगी और बकाया राशि का पूरा भुगतान 17 मार्च 2020 तक कर दिया जाएगा, वहीं वोडाफोन आइडिया ने एक बयान में एजीआर का सांविधिक बकाया चुकाने का प्रस्ताव रखा। वोडाफोन आइडिया ने कहा कि कारोबार का भविष्य सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में संशोधन के लिए दायर याचिका के परिणाम पर निर्भर करेगा।

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