मार्क जुकरबर्ग पर फेसबुक छोड़ने के लिए बनाया जा रहा दबाव
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सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर पद से हटाने के लिए कुछ शेयरहोल्डर्स की तरफ से दवाब बनाया जा रहा है।
वेन्चरबीट रिपोर्ट के अनुसार, 2012 से जुकरबर्ग बतौर अध्यक्ष काम कर रहे हैं। उनको हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाया गया है। इस प्रस्ताव का मकसद एक स्वतंत्र अध्यक्ष का चुनाव करना है, जो कंपनी के व्यवसायिक हितों के साथ-साथ शेयरधारको के हितों का भी बेहतर तरीके से ख्याल रख सके।
रिपोर्ट के अनुसार यह विचार, शेयरहोल्डर के वाचडॉग ग्रुप (SumOfUs) द्वारा लाया गया। समऑफअस एक ऑनलाइन ग्रुप है जो बड़ी कंपनियों के विभिन्न मामलों पर काम करती है साथ ही उन मामलों पर जवाबदेही भी तय करती है। इन मामलों में कर्मचारियों के अधिकार, भेद-भाव, भ्रष्टाचार, साथ-साथ अन्य कामों पर यह ऑनलाइन ग्रुप नजर रखता है।
प्रस्ताव में इंटेल के पूर्व अध्यक्ष एंड्रयू ग्रोव ने कहा कि क्या जुकरबर्ग कंपनी के सीईओ हैं या कर्मचारियों के सीईओ हैं? यदि वह एक कर्मचारी हैं तो उनको एक बॉस की जरूरत है और बॉस बोर्ड है। चेयरमैन बोर्ड चलाता है। सीईओ अपने खुद का बॉस कैसे हो सकता है? "
3,33,000 हजार लोगों ने दाखिल किया आवेदन
रिपोर्ट के अनुसार जुकरबर्ग को हटाने के लिए 3,33,000 हजार लोगों ने आवेदन दाखिल किया। कंपनी के 1,500 के करीब शेयरहोल्डर थे। जाहिर है कि, फेसबुक के संस्थापक और सीईओ जुकरबर्ग SumOfUs के इस कदम से ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि उनके पास कंपनी के शेयर सबसे ज्यादा हैं। वहीं इस तरह के बड़े निर्णय तब लिए जाते हैं, जब सोशल मीडिया घाटे में चल रहा हो लेकिन फेसबुक के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ है।
वेन्चरबीट ने प्रस्ताव में दावा किया है कि " एक व्यक्ति का दो किरदार में होना,संस्था के शासन को कमजोर बनाता है और शेयरधारकों के मूल्यों को नुकसान पहुंचाता है"। प्रस्ताव में आगे यह भी कहा गया है कि हम इस बात में यकीन करते हैं कि एक स्वतंत्र बोर्ड के नेतृत्व में फेसबुक,सफलता की नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगा।