जानें 3000 अरब रुपए के बैंक अध्यक्ष की कुछ खास बातें
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वर्ल्ड बैंक की तर्ज पर बनाए गए ब्रिक्स बैंक के पहले प्रमुख केवी कामत होंगे। वह ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा प्रवर्तित ब्रिक्स बैंक के अध्यक्ष पद पर पांच साल तक रहेंगे।
चीन के शंघाई में मुख्यालय वाले ब्रिक्स बैंक में कामत की नियुक्ति की केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने भी पुष्टि की है। इस बैंक की शुरुआती पूंजी 50 अरब डॉलर (करीब 3150 अरब रुपए) होगी, जिसमें पांचों सदस्य बराबर की हिस्सेदारी करेंगे।
कामत की खास बातें
- के वी कामत का पूरा नाम है कुंदापुर वमन कामत।
- एनआईटी कर्नाटक से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री भी हासिल की थी।
- कामत को 2008 में पदम भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
- कामत ने आईआईएम अहमदाबाद से पढ़ाई की है।
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- कामत ने देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड में चेयरमैन के पद की भूमिका पर भी काम किया है। कामत ने 21 अगस्त 2011 को इंफोसिस के चेयरमैन का पदभार संभाला था।
- इन्होंने देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक आईसीआईसीआई बैंक में नॉन-एक्जिक्युटिव चेयरमैन की तरह भी काम किया है।
- आईसीआईसीआई बैंक में कामत ने 1 मई 1996 से 30 अप्रैल 2009 तक मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ का पदभार भी संभाला है।
भारत को मिला है नामांकन का अधिकार
बैंक के समझौते के मुताबिक इसके पहले अध्यक्ष के नामांकन का अधिकार भारत को मिला है। वित्त सचिव राजीव महर्षि ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक के गैर कार्यकारी अध्यक्ष केवी कामत को इसके अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है और यह बैंक एक साल के भीतर काम करना शुरू कर देगा।
विकासशील देशों में ढांचागत संरचना के विकास के लिए कोष उपलब्ध कराने पर ब्रिक्स बैंक का मुख्य ध्यान होगा। उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स के सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था इस समय दुनिया में तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के रूप में पहचानी जा रही है।